आगरा के जनपद बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अधिवक्ता महान मुद्गल ने व्यवसायी पिता राम बहादुर मुद्गल की हत्या के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि उनकी जान को खतरा है। 72 घंटे में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करे। 48 घंटे में चौकी प्रभारी डिवीजन को निलंबित किया जाए। अगर, ऐसा नहीं होता है तो परिवार सहित दीवानी चौराहे पर अनशन करेंगे। सुनवाई नहीं होने पर आत्मदाह के लिए मजबूर हो जाएंगे।
थाना शाहगंज के भोगीपुरा निवासी अधिवक्ता महान मुद्गल के पिता राम बहादुर मुद्गल की दो नवंबर को घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुकदमे में नामजद नौ आरोपियों में से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाकी फरार नौ आरोपियों को अब तक पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।
आगरा: दुकान पर कब्जे के विवाद में हुई थी अधिवक्ता के पिता की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
महान मुद्गल का कहना है कि पूर्व हुए विवाद के बारे में थाना पुलिस से लेकर अधिकारियों तक को अवगत कराया गया था। इस पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे उनके पिता की हत्या कर दी गई। अब पिता की हत्या में पुलिस लापरवाही कर रही है। फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही हैं। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से मिलकर अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। अधिवक्ताओं ने निंदा की है। इस दौरान गजेंद्र शर्मा, गगन शर्मा, कृष्ण मुरारी माहेश्वरी, केसी शर्मा, सुनील शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, यामीन कादरी, जयंत आनंद, कायम सिंह आदि मौजूद रहे।