आगरा में नगर निगम की बेशकीमती जमीनों पर कब्जे हो गए हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद निगम इन्हें मुक्त नहीं करा पाया है। ऐसे ही कब्जों की निगम ने सूची तैयार कर ली है।
इसके मुताबिक 99.6250 हेक्टेयर जमीन में से 49.7849 पर कब्जे हैं। यह सूची शासन को भेजी गई है। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के लिए अभियान की शुरुआत की गई।
इसके लिए विभागवार सूची तैयार करवाई गई थी। नगर निगम ने भी इस पर कवायद की थी। तमाम जमीनों को कब्जों से मुक्त भी कराया गया।
नगर निगम आगरा
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प्रदेश सरकार ने एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स भी गठित कर दी ताकि जमीनों पर होने वाले कब्जों पर नियमित नजर रखी जा सके। नगर निगम में समय-समय पर कब्जों का मूल्यांकन कराया जाता रहा है।
नगर निगम ने फरवरी माह के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार निकाय के स्वामित्व जमीन 99.6250 हेक्टेयर में 49.7849 पर अवैध कब्जा हो गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस जमीन पर पूर्व से ही आबादी बसी हुई है। ऐसे में इन्हें खाली कराना भी आसान नहीं है। हालांकि कब्जों को हटाने के लिए इस बार बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। जिन लोगों ने स्थायी निर्माण कर लिए हैं, उन्हें हटाया जाएगा।
यहां है कब्जा
नरायच क्षेत्र में करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा है। यहां लोगों ने निर्माण कर लिए हैं। पूर्व में अभियान चला था, लेकिन पूरी जमीन कब्जे से मुक्त नहीं हो पाई थी।
ककरैठा में एसडीएम सदर ने निगम की जमीन को कब्जों से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया था। इसके बावजूद इस जमीन पर अवैध कब्जे हैं। यहां अस्थायी निर्माण हो रहे हैं।
धांधुपुरा के चार गाटा संख्याओं पर पिछले 25 साल से अधिक समय से कब्जा है। निगम इसे भी अब तक मुक्त नहीं करा पाया है। महापौर नवीन जैन का कहना है कि नगर निगम की जमीनों पर हुए स्थायी अतिक्रमण पर तो कार्रवाई चल रही है।
अस्थायी अतिक्रमणों की सूची तैयार करवाई जा रही है। जल्द ही अभियान चलाकर नगर निगम की जमीनों को कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।