आगरा में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन अभ्यर्थियों को इतिहास, राजनीति और सामान्य ज्ञान के कठिन सवालों ने परेशान कर दिया। दोनों पालियों में करीब 5,487 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी, जबकि बेहतर वेतन के चलते बड़ी संख्या में पोस्टग्रेजुएट भी शामिल हुए।
इंस्टाग्राम पर कौन सी पोस्ट में कई वीडियो और फोटो जोड़कर अच्छी पोस्ट की जा सकती है? स्वराज्य में हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है? यह उपन्यास किसने लिखा, एसएचओ को पुलिस में क्या कहते हैं? ऐसे तमाम सवाल थे जिन्हें परीक्षार्थियों ने पहले पढ़ा था पर ऐन समय में उसका सही उत्तर उन्हें समझ नहीं आ रहा था। परीक्षा देने के बाद परीक्षार्थियों में सवालों को लेकर चर्चा हो रही थी।
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उनका कहना था कि इतिहास, राजनीति और सामान्य ज्ञान के सवालों के जवाब देने में पसीने छूट गए। होमगार्ड के कार्य क्षेत्र के अनुसार प्रश्नपत्र काफी कठिन था। शहर के 28 केंद्रों पर तीन दिन में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के लिए 75 हजार परीक्षार्थी आ रहे हैं। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन अलीगढ़, मथुरा और आसपास के जिलों से आए परीक्षार्थियों ने दोनों पालियों में परीक्षा दी। परीक्षार्थियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में आमतौर पर रीजनिंग के सवाल ज्यादा होते हैं। होमगार्ड परीक्षा में प्रश्नपत्र भले ही इंटरमीडिएट के स्तर का था,पर इतिहास, सामान्य ज्ञान, राजनीति और सोशल मीडिया के सवालों ने दिमाग चकरा दिया।
सोशल मीडिया का लगभग हर परीक्षार्थी इस्तेमाल करता है। लेकिन प्रश्नपत्र में सवाल ऐसे थे,जिनके बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं थी। बाहर निकलने के बाद उन्होंने खुद उनके बारे में जानकारी की। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक मिलान किया गया। पुलिस फोर्स सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा। किसी तरह का व्यवधान किसी केंद्र पर नहीं हुआ है।
5 हजार ने छोड़ी परीक्षा
पुलिस भर्ती परीक्षा की हर पाली में 12,528 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। पहली पाली में 9,741 परीक्षार्थी पहुंचे और 2,787 अनुपस्थित थे। दूसरी पाली में 9,828 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 2,700 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छाेड़ दी। दोनाें पाली में कुल 5,487 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
बेहतर वेतन के चलते पोस्टग्रेजुएट भी भर्ती की लाइन में
सेंट जोंस काॅलेज में परीक्षा देने पहुंचे अलीगढ़ के आशीष सक्सेना ने बताया कि आठवां वेतन आयोग लागू होेने के बाद होमगार्ड को भी 41 हजार के करीब मिलेंगे। प्राइवेट नौकरी में इतनी इन्कम संभव नहीं है। इसके साथ ही देश और समाज में रहकर लोगों की सुरक्षा और मदद का मौका मिलना भी बड़ी बात है। मथुरा के राजीव ने बताया कि होमगार्ड बनने से सुरक्षा का काम करने को मिलेगा। अन्य लोगाें से अलग और चैलेंजिंग कार्य करना होगा। कानून व्यवस्था का पालन कराने में हमारी भूमिका रहेगी। एमकॉम करने के बाद उन्होंने भर्ती की परीक्षा दी है।