ताजमहल, आगरा किला, सिकंदरा, एत्माद्दौला समेत मुगलिया दौर की धरोहरों को हेलीकाप्टर में बैठकर निहारा जा सकेगा। प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने आगरा, मथुरा अयोध्या, इलाहाबाद, और वाराणसी में हेलीपोर्ट निर्माण को मंजूरी दे दी है।
पर्यटन विभाग ने लोक निर्माण विभाग को पहली किस्त के रूप में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए 98.93 लाख रुपये भी जारी कर दिए हैं, जबकि हेलीपोर्ट 4.95 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होना है।
आगरा में पर्यटन विभाग ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और इनररिंग रोड के क्रासिंग पर यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी) की पांच एकड़ जमीन पर हेलीपोर्ट प्रस्तावित किया है।
ताजमहल
हेलीपैड के लिए तीन एकड़ जमीन कम से कम चाहिए। यहां एक ओर पांच एकड़ जमीन है, जिस पर हेलीपोर्ट बनाया जा सकता है टिकट काउंटर, विजिटर लाउंज, टॉयलेट और क्लॉक रूम भी इसमें होगा।
हेलीकाप्टर सेवा के लिए पांच पर्यटन स्थलों के लिए कुल 24.73 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें आगरा में हेलीपोर्ट के लिए पीडब्ल्यूडी को 4.95 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जिसमें से 98.93 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की गई है।
हालांकि इसमें शर्त है कि पहले भारत सरकार के डीजीसीए और अन्य रेग्युलेटरी अथारिटी से अनुमति लेनी होगी। आगरा के साथ ही मथुरा के लिए भी 4.95 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। गोवर्धन परिक्रमा के दौरान पवनहंस की हेलीकॉप्टर सेवा बेहद सफल हुई थी।
अनूठा अनुभव और रोमांच मिलेगा
यूपी टूरिज्म के उपनिदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि पवन हंस ने आगरा दर्शन के 10 मिनट के चक्कर के लिए 2500 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट का प्रस्ताव दिया है। गोवर्धन परिक्रमा के दौरान हेलीकॉप्टर परिक्रमा काफी सफल साबित रही है।
आगरा, मथुरा के साथ प्रदेश के पांच शहरों में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की योजना है, जिससे पर्यटकों को अनूठा अनुभव और रोमांच मिलेगा।