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UP: स्लीपर सेल के लिए मुफीद आगरा, बांग्लादेशी पकड़े जाने के बाद बढ़ी चौकसी; पुराने पन्नों से पढ़ें पूरी कहानी

Mon, 19 May 2025 09:39 AM IST
धीरेन्द्र सिंह यथार्थ मिश्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश का जिला आगरा स्लीपर सेल के लिए मुफीद रहा है। 10 साल पहले साल 2015 में आगरा में जासूसी का एक बड़ा मामला सामने आया था। यहां मोहम्मद एजाज पाकिस्तान की आईएसआई के लिए काम कर रहा था। 
 
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अमर उजाला पुराने पन्ने - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पानीपत में पाकिस्तानी जासूस की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है। आगरा में भी इसके बाद सख्ती और बढ़ा दी गई है। गाैरतलब है कि आईएसआई एजेंटों की रडार पर आगरा हमेशा से रहा है।
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हरियाणा पुलिस ने पानीपत से पाकिस्तानी जासूस नौमान इलाही को गिरफ्तार किया है। वह शामली जिले के कैराना कस्बे का रहने वाला है। पुलिस की ओर से उसके सभी संपर्क और संबंधों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं मथुरा में पुलिस ने अवैध रूप से ईंट भट्ठों में मजदूरी करने वाले 90 बांग्लादेशियों को पकड़ा है।

आगरा भी स्लीपर सेल का पसंदीदा स्थान रहा है। यहां भी पहले बांग्लादेशियों को पकड़ा जा चुका है। 10 साल पहले साल 2015 में आगरा में जासूसी का एक बड़ा मामला सामने आया था। यहां मोहम्मद एजाज पाकिस्तान की आईएसआई के लिए काम कर रहा था। जांच में सामने आया था कि उसने लगभग 20 से 25 बार आगरा आकर शहर की रेकी की थी। उसका मुख्य उद्देश्य था आगरा एयरबेस की रेकी करना और संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान भेजना। आगरा के बाद उसका निशाना मथुरा था पर उससे पहले ही 1 दिसंबर को वह मेरठ में गिरफ्तार हो गया था। 

 

एजाज बना था पत्रकार
शहर की रेकी करने आया पाकिस्तानी जासूस एजाज ने यमुना एक्सप्रेसवे पर पत्रकार बनकर गोपनीय इमरजेंसी लैंडिंग की वीडियो बनाई थी और आईएसआई को भेजी थी। उसने शहर में कई लोगों से संबंध भी बना लिए थे।

 

दूसरा केस
एजाज के बाद मार्च 2025 में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने फिरोजाबाद स्थित ऑर्डिनेंस फैक्टरी में कार्यरत रविंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था। वह फेसबुक के जरिए हनी ट्रैप में फंस गया था जिसके बाद उसे ब्लैकमेल कर पाकिस्तानी एजेंट आगरा फिरोजाबाद से जुड़ी कई गोपनीय सूचनाएं लेती थी। जांच में उसके पास से कई गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए थे। जिसमें ऑर्डिनेंस फैक्टरी प्रोडक्शन रिपोर्ट, ड्रोन और गगनयान इसरो प्रोजेक्ट रिपोर्ट आदि कई गुप्त दस्तावेज मिले थे। इसके बाद 19 मार्च को कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्टरी में कार्यरत कर्मचारी कुमार विकास को एटीएस ने पकड़ा था।

 
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रुनकता से बांग्लादेशी मथुरा भाग गए थे, वहां पकड़े
रुनकता में दो साल पहले बांग्लादेशियों के कई परिवारों को जेल भेजे जाने के बाद अब भी कई लोग जिला जेल में निरुद्ध है। आगरा में पुलिस ने सदर बाजार, पंचकुइयां सहित कई इलाकों में बांग्लादेशियों की खोजबीन और जांच शुरू की तो ज्यादातर बांग्लादेशियों ने अपना ठिकाना बदल लिया। वह आगरा छोड़कर आसपास के जिलों में रहने लगे। इसी के बाद मथुरा पुलिस ने पिछले दिनों 90 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर जेल भेजा है। इन्होंने पूछताछ में बताया कि वह पहले आगरा में रह रहे थे। इससे साफ है कि वह आगरा में सख्ती के बाद मथुरा में रहने लगे थे।

 
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