आगरा। ऐतिहासिक विरासतों के शहर में अब सफर का अनुभव भी शाही और आधुनिक होने जा रहा है। ब्रिटिश काल में राजपूताना स्टेट रेलवे के तहत 1874 में स्थापित और हाल ही में अपने 151 गौरवशाली वर्ष पूरे करने वाला आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन जल्द ही नए कलेवर में नजर आएगा। इसका कायाकल्प 15.4 करोड़ के लागत से हो रहा है। खास बात यह है कि रेलवे इसके विकास कार्य को हेरिटेज लुक में निखार रहा है।
आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन का यह कायाकल्प साबित करता है कि विकास और विरासत एक साथ चल सकते हैं। इस पुनर्विकास से पहले योग्य हेरिटेज विशेषज्ञ से हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट कराया गया है। लाल बलुआ पत्थर (रेड सैंड स्टोन) से बनी इस ऐतिहासिक इमारत के पारंपरिक बरामदों, मेहराबों और मुगल-ब्रिटिश स्थापत्य कला के अद्भुत मिश्रण को पूरी तरह संजोया जा रहा है।
स्टेशन के ऐतिहासिक बदलाव के बीच पर्यटकों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। स्टेशन पर बुधवार से महाराजा एक्सप्रेस का ठहराव शुरू होने जा रहा है। इससे पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल आगरा किला और ऐतिहासिक जामा मस्जिद के बिल्कुल करीब स्थित होने के कारण, अब यहां उतरने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को स्टेशन परिसर से ही आगरा की समृद्ध संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी सर्वोपरि रखा गया है। मुख्य प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण करने के साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया को व्यवस्थित और आकर्षक बनाया गया है ताकि वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। यात्रियों के बैठने की बेहतर व्यवस्था के साथ एक अत्याधुनिक वेटिंग लाउंज तैयार किया जा रहा है। ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान की लाइव जानकारी के लिए आधुनिक डिजिटल स्क्रीन लगाई जा रही हैं। साथ ही, चित्रों और डिजिटल माध्यमों से स्टेशन की नैरो गेज से ब्रॉड गेज तक की ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और दिव्यांगजन की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप जैसी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ कर रहे हैं।