जीआरपी आगरा फोर्ट ने रविवार को साइबर क्रिमिनल गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गैंग के सदस्य बड़ी फर्मों के अकाउंट की जानकारी लेने के बाद बिहार और दिल्ली के अपने सरगनाओं को देते हैं।
यहां से खातों को हैक करके रकम उड़ाई जाती है। कई दफा लोगों से फोन पर बैंक एकाउंट की जानकारी हासिल करके भी शॉपिंग के माध्यम से पैसा पार कर लेते हैं। उनके गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
आगरा फोर्ट जीआरपी इंस्पेक्टर ललित त्यागी ने बताया कि आगरा फोर्ट स्टेशन की बुकिंग विंडो पर शक होने पर जीआरपी ने छह युवकों से पूछताछ की गई। युवकों ने बताया कि वे ट्रेनों में सामान पार करने के साथ बैंक अकाउंट हैक करते हैं।
मेरठ के युवक लेकर आए आगरा
ये युवक बिहार से दिल्ली फ्लाइट से आए थे। इन तीनों को मेरठ के युवक ही के दिल्ली से आगरा लेकर आए थे। आगरा की कई फर्मों के अकाउंट की जानकारी हासिल करने की योजना बनाई गई थी।
पकड़े गए युवकों में थाना जाले, दरभंगा, बिहार निवासी अमित कुमार, दानहार, मुजफ्फरपुर बिहार निवासी राकेश रंजन, नालंदा बिहार निवासी अनुज कुमार, लिसाड़ी गेट, मेरठ निवासी सबनूर, सरवर और इरफान शामिल हैं।
बिहार के करीम और दिल्ली के आलम से व्हाइट्सएप पर संपर्क में रहते हैं। वो बैंक खातों की जानकारी हासिल कर उन्हें देते हैं। अनुज और राजेश रंजन के मोबाइलों में अमेरिका के व्यवसायी, दिल्ली और गुजरात के व्यवसायियों के खातों की पूरी डिटेल है।
पुलिस ने बताया कि उन्हें आशंका है कि यह सभी खाते इनके निशाने पर हैं। वो फर्म की ईमेल आईडी से संपर्क करके भी खातों से पैसे की निकासी कर लेते हैं। इसके साथ ही कई दफा फोन कर खातों की जानकारी हासिल कर लेते थे।
पकड़े गए युवक में अमित आईआईटी और अनुज बीटेक किए हुए हैं। राकेश रंजन एक्सिस बैंक में कार्यरत रहा है। आईटी एक्सपर्ट होने के कारण गैंग के लोग इन्हें कैरियर के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि साइबर सेल की मदद से मोबाइल में मिले फर्म और व्यापारियों के खातों की डिटेल निकाली जा रही है। पुलिस अब करीम और आलम की तलाश की जा रही है।