रात तकरीबन 3:15 बजे प्राची के मोबाइल से बेटी खुशी ने यूपी 112 पर काल की। घर में आग लगने के बारे में बताया। इस पर पीआरवी पहुंच गई। बाद में दमकल भी आ गई। घटना की जानकारी पर आसपास के लोग जुट गए। लोगों की मदद से परिवार के सदस्यों की जानकारी लेने के बाद गैराज के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। बिजली की लाइन काटी गई। इसके बाद पानी डाला गया।
अंदर के कमरे में मौजूद गया प्रसाद को निकाला। उनकी हालत खराब थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में प्रथम तल पर दमकल और पुलिसकर्मी गए। बाथरूम में डॉ. आशीष, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे अचेत अवस्था में मिले। चारों को बाहर निकालकर एसएन मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां आशीष को मृत घोषित कर दिया गया।
धुएं से बचने के लिए गए थे बाथरूम में
घटना की जानकारी पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह, एसपी सिटी विकास कुमार भी पहुंच गए। थानाध्यक्ष रकाबगंज राकेश कुमार ने बताया कि घर में शॉर्ट-सर्किट के बाद इनवर्टर-बैटरी में आग लग गई। इससे धुआं भर गया था। इस कारण पहली मंजिल पर मौजूद परिवार के सदस्य नीचे नहीं आ सके। वह धुएं से बचने के लिए बाथरूम में घुस गए। मगर, वहां भी धुआं भर गया। वहां भी चारों का दम घुटने लगा। आशीष की मौत हो गई। उनकी पत्नी और बच्चे खतरे से बाहर हैं। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।