आगरा में नकली दवा मामले में औषधि विभाग ने पांच कंपनियों को नोटिस भेजकर धनौली और टेढ़ी बगिया से बरामद दवाओं की जानकारी मांगी है। कंपनियों से दवाओं के निर्माण और उत्तर प्रदेश में उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स का ब्योरा भी मांगा गया है।
नकली दवा मामले में औषधि विभाग ने पांच कंपनी को नोटिस भेजा है। इसमें धनौली-टेढ़ी बगिया में बरामद दवाओं के नमूने भेजे हैं। इन दवाओं के निर्माण संबंधी और डिस्ट्रीब्यूटर्स के बारे में जानकारी भी मांगी गई है।
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औषधि विभाग ने 29 सितंबर को धनौली में अवैध गोदाम से पांच करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की थीं। 5 अक्तूबर को टेढ़ी बगिया में झाड़ियों और नालों में भी दवाएं बरामद हुईं। दोनों जगह से बरामद दवाएं समान कंपनी की हैं और उन्हीं बीमारियों की हैं। ऐसे में ये एक ही रैकेट की कारस्तानी मानी जा रही है। ये देश-विदेश की पांच कंपनियों के उत्पाद हैं। इनको ई-मेल के जरिये नोटिस जारी किया है।
इसमें दवाओं के फोटो, बैच नंबर समेत अन्य जानकारी भेजी है। इसमें कंपनी से इनकी स्वयं जांच करने के लिए नमूने लेने को भी कहा है। साथ ही इनसे दवाओं के उत्तर प्रदेश में कहां-कहां वितरक हैं, इसकी भी जानकारी मांगी है। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने बताया कि दोनों जगह से बरामद दवाएं समान कंपनी की हैं। कंपनियों का जवाब आने से कार्रवाई में सहयोग मिलेगा।