आगरा के ट्रांस यमुना फेज-1 में नाला निर्माण के दौरान बिजली, पानी और सीवर की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। बिजली के बॉक्स से चिंगारियां निकलने पर लोग दहशत में आ गए, जबकि पाइपलाइन टूटने से हजारों लीटर गंगाजल सड़क पर बह गया।
आगरा के ट्रांस यमुना फेज-1 में बाल विहार स्कूल के पास नगर निगम की ओर से कराए जा रहे नाला निर्माण के दौरान बुधवार को बिजली, पानी और सीवर की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे कई घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि पानी की पाइपलाइन टूटने से हजारों लीटर गंगाजल सड़क पर बह गया। बिजली के बॉक्स से चिंगारियां निकलने पर स्थानीय लोग दहशत में आ गए।
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स्थानीय निवासी सुधीर गुप्ता और सुभाष बघेल ने बताया कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे बुल्डोजर से खुदाई के दौरान घरों के बाहर बने स्लैब बिना पूर्व सूचना तोड़ दिए गए। इससे बिजली के मीटरों की केबल क्षतिग्रस्त हो गईं। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले टोरेंट कंपनी को सूचना नहीं दी गई थी।
बिजली के बॉक्स से चिंगारियां निकलने की शिकायत पर दोपहर करीब 12 बजे टोरेंट के कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने लाइन काटकर संभावित खतरे को दूर किया। हालांकि, बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात करीब 10 बजे तक आपूर्ति बहाल होने की जानकारी दी गई थी।
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शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि खुदाई में पानी और सीवर की लाइनें भी टूट गईं। इससे गंगाजल सड़क पर बहता रहा। पड़ोस में कूल्हे की हड्डी टूटने के कारण बिस्तर पर पड़े एक व्यक्ति को बिजली न होने से परेशानी हुई। नगर निगम के चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि बृहस्पतिवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।