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सांवला रंग बना दुश्मन: सास-ससुर देते थे ताने, पति ने भी रख दी ये शर्त; कोर्ट ने तीनों को सुनाई दो साल की सजा

Mon, 17 Aug 2026 12:41 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के कमला नगर में दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मामले में अदालत ने पति रोहित चतुर्वेदी और सास-ससुर को दोषी मानते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया; दोषियों पर अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया गया है।
 
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महिला सांकेतिक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के कमला नगर थाने के दहेज उत्पीड़न, मारपीट के मामले में विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता ने पति और सास-ससुर को दोषी माना। उन्हें दो साल के कारावास की सजा सुनाई। अन्य मामले में भी एक साल और छह महीने सजा से दंडित किया। इसके साथ ही ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी किया।
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राधा विहार एक्सटेंशन, कमला नगर निवासी रविकांत चतुर्वेदी बैंक से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बेटी तन्वी चतुर्वेदी की शादी 26 फरवरी, 2019 को मूलरूप से बाह के गांव होलीपुरा निवासी रोहित चतुर्वेदी के साथ की थी। तब रोहित का परिवार कोलकाता में रह रहा था। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। तन्वी भी नौकरी करती थी।

पिता ने बताया कि पति और ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये मांग रहे थे। बंगलूरू में फ्लैट नाम करने का दबाव बना रहे थे। उनके सेवानिवृत्त होने पर बेटी से 10 लाख रुपये की मांग करने लगे। उसके सांवले रंग पर भी ताने मारते थे। सास-ससुर नौकरों की तरह व्यवहार करते थे। बेटी अवसाद में रहने लगी।

 

वह बेटी को 16 जुलाई, 2021 को आगरा लेकर आए थे। तब तन्वी चल भी नहीं पा रही थी। मामले में पति रोहित चतुर्वेदी, ससुर मधुर चतुर्वेदी, सास निशा, ननद सौम्या के खिलाफ प्राथमिकी लिखाई। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता ने जब 4 अगस्त को आदेश सुनाया तो तीनों दोषी अनुपस्थित थे। उनकी ओर से हाजिरी माफी प्रार्थनापत्र दिया गया। इसे निरस्त कर गैर जमानती वारंट जारी हुए। 10 अगस्त को सभी कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने तीनों को सजा सुनाई। उन्हें एक महीने का समय अपील के लिए दिया गया है।

 

यह हुईं सजा
धारा 498 ए (दहेज उत्पीड़न) - रोहित चतुर्वेदी, मधुर चतुर्वेदी और निशा चतुर्वेदी को दो वर्ष का साधारण कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड।

 
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धारा 323 (मारपीट) - तीनों को छह माह का साधारण कारावास और तीनों को 500 रुपये का अर्थदंड। 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम - 1 वर्ष का साधारण कारावास और प्रत्येक को 2 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषियों को एक महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अब तक जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

 
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