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UP: डॉक्टराें की हड़ताल के बाद झुकी पुलिस, इंस्पेक्टर सिकंदरा समेत पांच के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश

Fri, 12 Dec 2025 07:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

डॉक्टर पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने की शर्त मानी गई, तब आईएमए की हड़ताल समाप्त हो सकी। हड़ताल के दौरान अस्पताल बंद हुए, तो मरीज परेशान हो गए।
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आईएमए भवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के सिकंदरा स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की तैयारी कर रही आगरा पुलिस बृहस्पतिवार दोपहर निजी डॉक्टरों की दो घंटे की हड़ताल के बाद ही झुक गई। पुलिस अधिकारियों ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की सभी शर्तों को मानते हुए प्राथमिकी दर्ज करने वाले इंस्पेक्टर सिकंदरा, जांच के दौरान अस्पताल में अभद्रता करने वाले इंस्पेक्टर क्राइम और तीन दरोगाओं के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए। साथ ही धाराएं बढ़ाने वाले हेडकांस्टेबल को लाइनहाजिर कर दिया। दूसरे हेडकांस्टेबल को डीसीपी सिटी कार्यालय से संबद्ध कर दिया। इसके साथ ही डॉक्टर पर दर्ज प्राथमिकी खत्म कर हंगामा करने वाले तीमारदारों पर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
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सिकंदरा थानाक्षेत्र के एक निजी अस्पताल में 29 नवंबर को इलाज के दौरान मरीज की मर्जी के बिना गर्दन की गांठ काटने और बड़ी सुई लगाने का आरोप लगाकर तीमारदारों ने हंगामा किया था। विवाद का वीडियो वायरल होने पर सिकंदरा पुलिस ने डॉ. अनुराग बंसल के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।

डॉक्टर के समर्थन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की आगरा इकाई ने प्राथामिकी दर्ज करने के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को नहीं मानने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी रद्द करने की मांग की। मांग पूरी करने के लिए पुलिस अधिकारियों को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। हालांकि पुलिस कार्रवाई पर अड़ी रही। सुनवाई न होने पर बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे से सभी डॉक्टरों ने चिकित्सकीय कार्य बंद कर दिया।
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लोगों को हो रही परेशानी के बीच दबाव में आई पुलिस थोड़ी ही देर में डाॅक्टरों के आगे झुक गई। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने तोता का ताल स्थित आईएमए भवन में जाकर डाॅक्टरों से मुलाकात की। डॉ. बंसल पर दर्ज प्राथमिकी समाप्त करने का आश्वासन दिया। साथ ही पुलिस के दुर्व्यवहार के लिए खेद जताते हुए सभी दोषियों पर कार्रवाई की भी बात कही।

देर रात पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने व सही माॅनीटरिंग न करने पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार त्रिपाठी, जांच के नाम पर हाॅस्पिटल जाकर अभद्रता करने वाले इंस्पेक्टर क्राइम इंद्रजीत और तीन दरोगा के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश जारी कर दिए। साथ ही प्राथमिकी में धाराएं लगाने वाले हेड कांस्टेबल अमित कुमार को लाइनहाजिर और एक अन्य को डीसीपी सिटी कार्यालय से संबद्ध कर दिया। डीसीपी सिटी ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


दो बजे से शुरू हुआ चिकित्सकीय कार्य
आईएमए अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि डॉ. अनुराग बंसल ने मरीज की सहमति के बाद गर्दन पर गांठ से एफएनएसी की प्रक्रिया शुरू की थी। फिर भी तीमारदारों ने चिकित्सक से अभद्रता करते हुए धमकाया। बिना जांच किए ही पुलिस ने आनन-फानन में चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। आईएमए सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा ने बताया कि बिना शर्त सभी मांगें पूरी होने पर दोपहर दो बजे हड़ताल खत्म कर सभी डॉक्टरों ने चिकित्सकीय कार्य शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में डॉ. सुनील शर्मा, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र गुप्ता, डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. डीवी शर्मा, डॉ. ओपी यादव, डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. रविंद्र मोहन पचौरी, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. देवेंद्र गुप्ता, डॉ. मुकेश भारद्वाज आदि मौजूद रहे।

कई मरीज बिना इलाज कराए ही लौटे
आईएमए ने दोपहर 12 बजे से हड़ताल का एलान किया था। जानकारी पर अधिकांश मरीज सुबह ही दिखाने आ गए। कई ऐसे भी रहे जो हड़ताल के चलते नहीं आए। जिन मरीजों को जानकारी नहीं हो पाई, उनको क्लीनिक से बिना इलाज कराए ही लौटना पड़ा।
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