आगरा के जयपुर हाउस में डाका के दौरान डाक्टर ने अपनी जान पर खेलकर बदमाशों को दबोच लिया। तीन बदमाश भी उनके साहस के आगे कमजोर पड़ते नजर आए। बाद में बदमाशों ने बच्चों को निशाना बनाकर डाक्टर को अपने काबू में कर लिया और भाग गए।
जयपुरा हाउस कालोनी में डाक्टर के घर लूट करने आए बदमाशों की चाल उस समय फेल हो गई जब डाक्टर आशीष मित्तल का अचानक अपनी कोठी पर पहुंचना हुआ। बदमाशों को इसका अंदाजा नहीं रहा कि इस समय कोई घर में आ सकता है।
डाक्टर मित्तल जैसे ही घर पहुंचे तो पहले उन्हें अपने घर के बाहर लगा लोहे का गेट खुला मिला। आमतौर पर यह गेट बंद ही रहता है। ऐसे में उन्हें शक हो गया कि अंदर कुछ गड़बड़ है। इस पर फौरन अंदर आए। यहां आकर देखा तो घर की हालत अस्त-व्यस्त थी।
पत्नी और मां डरी सहमी दिखीं। साहस दिखाते हुए डाक्टर कमरे में घुस गए। यहां बदमाश छानबीन में जुटे थे। डाक्टर ने बदमाशों को दबोच लिया और उनसे भिड़। अपनी जान की परवाह न करते हुए उन्होंने बदमाशों को जमीन पर गिरा लिया। तीन बदमाशों ने उनके सिर पर तमंचे की बट से प्रहार भी किया लेकिन वे कमजोर नहीं पड़े।
इसके बाद कमजोर पड़ रहे बदमाशों ने बच्चों का सहारा लिया और एक बदमाश ने बच्चों को गन प्वाइंट पर ले लिया। बदमाशों ने धमकी दी कि अगर डाक्टर ने उनके साथी को नहीं छोड़ा तो वे बच्चे को जान से मार देंगे। इस पर डाक्टर मित्तल ने पकड़ ढीली की और बदमाश मौका देखकर भाग गए।
आधा घंटा रहे बदमाश और सोती रही पुलिस
जयपुर हाउस कालोनी लोहामंडी थाने से बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर है। कालोनी में केनरा बैंक वाले रास्ते पर पुलिस पिकेट भी रहती है। ऐसे में इस घटना ने पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया। डाक्टर मित्तल के घर में करीब आधा घंटा तक बदमाश लूट करते रहे लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
घर में घुसते ही बदमाशों ने डाक्टर यहां लगे फोन को भी तोड़ दिया था। इससे घरवाले भी पुलिस को सूचना नहीं दे पाए। सूचना के बाद मौके पर एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह और एएसपी श्लोक कुमार पहुंचे। पुलिस ने कालोनी के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला। घटना के बाद घबराए डाक्टर की पुलिस से नोकझोंक भी हो गई।