आगरा में कोर्ट के आदेश पर थाना ताजगंज में शांति मांगलिक हाॅस्पिटल की डाॅक्टर अनुप्रिया सिंह और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि डाक्टर की ऑपरेशन में लापरवाही की वजह से डिलीवरी के दौरान महिला मरीज की आंत कट गई। बिना आंत को जोड़े डाक्टर ने पेट में टांके लगा दिए। इससे जान को खतरा पैदा हो गया। धन की वसूली की गई। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
जयपुरिया सनराइज, शमसाबाद रोड निवासी अविनाश सेंगर ने बताया कि पत्नी प्रियंका गर्भवती थीं। वो उन्हें 21 मई 2022 को शांति मांगलिक हाॅस्पिटल में रुटीन चेकअप के लिए ले गए थे। डाॅ. अनुप्रिया सिंह ने देखने के बाद एक दिन के लिए पत्नी को एडमिट कर लिया। तब पत्नी की स्थिति सामान्य थी। आरोप है कि डाॅ. अनुप्रिया सिंह ने इंजेक्शन और दवाएं दीं, जिससे पत्नी की हालत बिगड़ गई। दो दिन बाद भी सुधार नहीं हुआ। डाॅक्टर ने दो बार अल्ट्रासाउंड कराया। कहा कि गर्भ में साढ़े सात माह के जुड़वा बच्चे हैं। दवाओं का गलत असर हो गया है। ऑपरेशन करना पड़ेगा। अगर, ऐसा नहीं करेंगे तो जच्चा-बच्चा की जान का खतरा है। अपनी बच्ची के जन्मदिन में जाने की कहकर जल्दी आपरेशन का दबाव बनाया। 25 हजार रुपये जमा करा लिए।
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संक्रमण की वजह से निकालनी पड़ी पित्त की थैली
अविनाश सेंगर का आरोप है कि लापरवाही और उतावलेपन से किए आपरेशन के दौरान डाॅक्टर ने पत्नी की आंतों में ब्लेड से कट लगा दिया। इससे उसे अधिक पीड़ा हुई। मगर, डाक्टर ने आंतों के कट को खुला छोड़कर पेट में टांके लगा दिए। ऑपरेशन के 60 हजार रुपये लिए गए। 1.25 लाख रुपये हाॅस्पिटल खर्च के लिए। पत्नी की तकलीफ ठीक नहीं होने पर उन्होंने रवि हाॅस्पिटल में दिखाया। अस्पताल के डाॅक्टर ने शल्य चिकित्सा में हुई लापरवाही से तकलीफ की बात बताई। घाव से पत्नी के पेट में संक्रमण हो गया। पित्त की थैली संक्रमित हो गई। उन्होंने अन्य डाॅक्टर को दिखाया। उन्होंने ऑपरेशन किया। पित्त की थैली को निकाल दिया। इस वजह से पत्नी मामूली कामकाज करने में भी असमर्थ है। पुलिस से शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक बहादुर सिंह का कहना है कि साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।