आगरा में न्यायालयों में गवाहों की बेहद कम उपस्थिति पर डीएम मनीष बंसल ने नाराजगी जताते हुए अभियोजक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। महिला अपराध, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के मामलों में दोषमुक्त आरोपियों के खिलाफ अब तत्काल हाईकोर्ट में अपील दायर की जाएगी
आगरा जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट में अभियोजन कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान न्यायालयों में गवाहों की कम उपस्थिति और समन-वारंट की खराब तामील पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियोजक को कारण बताओ नोटिस जारी करने और महिला अपराध, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट जैसे गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने के निर्देश दिए।
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समीक्षा में सामने आया कि सत्र और अधीनस्थ न्यायालयों में गवाहों की उपस्थिति का प्रतिशत बेहद निराशाजनक है। सत्र न्यायालय में 501 अपेक्षित गवाहों में से मात्र 71 पेश हुए, जबकि अधीनस्थ न्यायालयों में 1,445 में से केवल 670 गवाह ही आए। वर्ष 1999 के एक पुराने मामले में आठ में से छह गवाहों के बिना परीक्षण लौटने पर जिलाधिकारी ने आपत्ति जताई। संबंधित अभियोजक विवेक सेन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
दोषमुक्त मामलों में होगी तत्काल अपील
गैंगस्टर एक्ट, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट में जिन मामलों में आरोपी दोषमुक्त हो रहे हैं, उनके लिए डीएम ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस, प्रशासन और अभियोजन की एक संयुक्त समिति ऐसे मामलों का परीक्षण करेगी। यदि केस अपील के योग्य है, तो तत्काल उच्च न्यायालय में अपील दायर की जाएगी।