आगरा के जिला अस्पताल में 85 लाख रुपये की योजना के तहत तैयार की जा रही सेंट्रल लैब सालभर बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। हॉल में फॉल्स सीलिंग और बिजली का काम अधूरा होने से मशीनें व उपकरण नहीं लग पाए हैं।
जिला अस्पताल में सेंट्रल लैब सालभर में भी शुरू नहीं हो पाई है। इसकी छत की मरम्मत बाकी है। इसके शुरू होने से वायरस, टिश्यू समेत 125 तरह की महंगी और जरूरी जांच की सुविधा निशुल्क मिलती। अभी इसकी जांच के लिए मरीजों को निजी लैब में जाना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में 85 लाख रुपये से सेंट्रल लैब के लिए हॉल तैयार करना है। ओपीडी में इसके लिए हॉल निर्धारित किया गया है। यहां पर फॉल्स सीलिंग, बिजली का कार्य नहीं हुआ है। इससे मशीनें और उपकरण नहीं स्थापित हो पा रहे हैं। अस्पताल में अभी पैथोलॉजी लैब में करीब 100 तरह की जांचें हो रही हैं।
लैब का हॉल तैयार नहीं होने के कारण मशीनें-उपकरण भी नहीं लगाए गए हैं। मुख्य अधीक्षक डॉ. केसी धाकड़ का कहना है कि कार्यदायी संस्था और शासन को पत्र लिख चुके हैं। कार्यदायी संस्था के दो इंजीनियर हॉल का निरीक्षण भी कर चुके हैं। जल्द ही बिजली और फॉल्स सीलिंग का अधूरा कार्य पूरा करने का आश्वासन मिला है।
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वायरस, बैक्टीरिया समेत अन्य की होगी जांच
जिला अस्पताल को उन्नत बनाया जा रहा है। इसके लिए सेंट्रल लैब बनाने का बीते साल प्रस्ताव बना। इसके बनने से माइक्रोबायलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और टिश्यू समेत 125 तरह की जांच की सुविधा और बढ़ जाएगी। इन जांचों के लिए रोजाना 40-60 मरीज आते हैं। लैब बनने से मरीजों को निजी लैब में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।