कालिंदी विहार में पेठा नगरी बनाई गई है। इसके बावजूद यहां पर शहर की पेठा इकाई शिफ्ट नहीं हो रही है। जबकि कई बार पेठा इकाईयों को शिफ्ट होने के लिए निर्देशित किया जा चुका है।
मगर हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर इकाई स्वामी समय मांगते रहे हैं। मगर इस बार एडीए ने साफ कर दिया है कि अब शहर के बीचोंबीच से पेठा इकाइयों को शिफ्ट होना होगा। इसको लेकर नोटिस भेजने का काम शुरू कर दिया गया है।
मंगलवार को आगरा विकास प्राधिकरण पेठा इकाईयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले चरण में 22 पेठा इकाईयों को नोटिस जारी किए गए है। जिसमें साफ कर दिया गया है कि जल्द से जल्द सभी लोग नूरी दरवाजा से अपना काम बंद करके पेठा नगरी में शिफ्ट हो। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एडीए अधिकारियों का मानना है कि नूरी दरवाजा शहर के बीचोंबीच में है। जहां पेठा इकाई संचालित है। एक एक इकाई से हर रोज कई कई क्विंटल कूड़ा नालों में पहुंचता है। इससे नाले चोक होते हैं। गंदगी फैलती है।
सोमकमल सीताराम, संयुक्त सचिव, एडीए का कहना है कि शहर के बीचोंबीच में पेठा इकाई संचालित हो रही है, जबकि उनके लिए कालिंदी विहार में पेठा नगरी बनाई गई है। कई बार रिमाइंडर दिया जा चुका है। इसके बाद भी यह लोग पेठा नगरी में नहीं पहुंच रहे हैं। इस बार अगर यह लोग नहीं जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि शहर में पांच सौ पेठा इकाई हैं और कालिंदी विहार में मात्र 156 प्लाट है। अगर पेठा इकाई कालिंदी विहार में शिफ्ट भी होती है तो साढ़े तीन सौ इकाई तो फिर भी शहर में रह जाएंगी। इसके अलावा कालिंदी विहार पेठा इकाई के आसपास भी रिहायशी इलाका है। जिससे कुछ दिनों में वहां के हालत भी शहर की तरह हो जाएगी।
पेठा इकाई संचालकों का कहना है कि पहले टीपी नगर में फिर शास्त्रीपुरम में भी पेठा इकाई बनाई गई थी। कुछ दिनों में ही यहां पर जगह घिर गई। इसके बाद कालिंदी विहार में पेठा इकाई बना दी। यहां भी पेठा नगरी चारों तरफ से घिर चुकी है।
500 पेठा इकाई है शहर में
156 प्लाट है कालिंदी विहार में
22 पेठा इकाईयों को जारी किये गए है नोटिस
1000 रुपये में एक टैंकर मिलता है पानी