आगरा क्रिकेट संघ को उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के चुनावों में मिले वोट डालने के अधिकार के बाद से एक बार फिर ताजनगरी की क्रिकेट में हलचल शुरू हो गई है। सन 2016 में यूपीसीए की ओर से आगरा को मंडल का जो दर्ज समाप्त किया गया था, उसके फिर से मिलने की उम्मीद है। साथ ही सन 2013 के बाद से आगरा में कोई भी बोर्ड ट्रॉफी मैच नहीं होने का सूखा भी समाप्त होने का दावा आगरा क्रिकेट संघ कर रहा है।
एसोसिएशन के सचिव जीडी शर्मा का कहना है कि यूपीसीए की होने वाली अगली बैठक में हम आगरा को फिर से मंडल बनाने का मुद्दा जोरशोर से रखेंगे। साथ ही आगरा से पलायन कर दूसरे प्रदेशों से खेलने वाले खिलाड़ियों को अपने प्रदेश में रोकने के लिए नई कार्ययोजना भी यूपीसीए की बैठक में पेश की जाएगी। शर्मा का कहना है कि शहर के उन वरिष्ठ क्रिकेटरों को बीसीसीआई की टेक्निकल टीमों में शामिल कराने की कवायद भी शुरू की जाएगी।
आगरा क्रिकेट एसोसिएशन की बहाली के फायदे
- आगरा को फिर से मंडल बनाने की कोशिश की जाएगी।
- वर्षों से बंद पड़े क्रिकेट टूर्नामेंट फिर शुरू हो सकेंगे।
- दूसरे प्रदेश का दामन थामने वाले खिलाड़ी कम होंगे।
- 10 टर्फ विकेटों के साथ एकेडमी खोली जा सकेगी।
- बोर्ड ट्रॉफी मैच शहर में फिर से शुरू हो सकेंगे।
- नए क्रिकेटरों को हाइटैक कोचिंग दी जाएगी।
- वर्षों से प्रतिक्षित क्रिकेट महाकुंभ शुरू होगा।
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की कवायद फिर शुरू करेंगे।
- सभी आयु वर्ग की जिला टीम का चयन होगा।