इस पर विश्वास करते हुए संजय प्लेस में ऑफिस में राजीव अग्रवाल ने एक लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद पांच साल तक कंपनी में निवेश किया। बाद में पता चला कि कंपनी का पंजाब में कोई भूखंड नहीं है। 19 अगस्त को रुपये मांगने गए लेकिन कार्यालय बंद मिला। दिल्ली में आरोपियों ने रुपये लौटाने से मना कर दिया।
इन पर आरोप
राजीव अग्रवाल ने कंपनी के चेयरमैन केडी सिंह के अलावा निदेशक करनदीप सिंह, सीएस जौली, कृष्णवीर सिंह, बीएम महाजन, बलवीर सिंह और एजेंट चंदन मुखर्जी और दो अन्य पर आरोप लगाए हैं।