कोरोना वायरस: जांच कराने पहुंची युवती का सैंपल लेता कर्मचारी
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दूसरी लहर में कोविड अस्पताल में संक्रमितों के ओवर लोड झेल चुका एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब राहत महसूस कर रहा है। यहां पर लगातार भर्ती मरीजों की संख्या कम हो रही है। अब महज सात मरीज ही कोविड अस्पताल में भर्ती हैं।
संक्रमितों का इलाज करने वाले डॉ. अजित चाहर ने बताया कि तीन संक्रमित आइसोलेशन वार्ड और चार मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। पांच अप्रैल से 20 मई तक लगभग 200 बेड के दो आइसोलेशन वार्ड फुल हो गए थे। 90 से 95 फीसदी मरीजों के फेफड़ों तक संक्रमित पहुंच चुका था। अब संक्रमण की दर कम हुई है तो गंभीर मरीजों की संख्या भी घटने लगी है। बीते चार दिन में भर्ती मरीजों की संख्या आधी रह गई है।
युवाओं के फेफड़ें 80 फीसदी तक हो गए थे खराब: डॉ. राजीव पुरी
कोविड आईसीयू के प्रभारी डॉ. राजीव पुरी ने बताया कि 30 से 40 साल के युवाओं के भी फेफड़े 80 फीसदी तक खराब हो गए थे। सांस उखड़ रही थी। ऐसी हालत थी कि वेंटिलेटर लगाने पर भी मरीज को आराम नहीं मिल रहा था। 150 बेड का आइसीयू तक फुल हो गया था, अब चार मरीज हैं, इससे चिकित्सकों को बड़ी राहत है।
पहली लहर के बाद जैसी न करें गलती, टीका जरूर लगवाएं: डॉ. संजय काला
प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि पहली लहर के बाद टीका लगवाने में लोग पीछे रहे, इससे काफी संख्या में वैक्सीन की डोज बर्बाद हुइं। मास्क पहनने में लापरवाही की और सामाजिक दूरी भी नहीं अपनाई। तीसरी लहर से बचना है तो टीका जरूर लगवा लें और बिना मास्क के घर से नहीं निकलें।
165 ही सक्रिय मरीज, 28 करा रहे अस्पताल में इलाज
अब जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 165 रह गई हैं। इसमें से 28 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी के मरीज घर पर ही इलाज करा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महीने के अंत तक अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या शून्य हो सकती है।
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