मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापमं घोटाले में सीबीआई ने शुक्रवार को भगवान टाकीज से कोचिंग सेंटर संचालक को गिरफ्तार कर लिया। उस पर ‘मुन्ना भाई’ की तरह दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने का आरोप है। इसमें वह पहले जेल जा चुका है।
इसके बाद तारीख पर न जाने के चलते उसके गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे। इसी में उसे पकड़ा गया है। उधर इस कार्रवाई का पता चलते ही उसके कोचिंग सेंटर के छात्रों ने हंगामा कर दिया। सीबीआई की टीम बड़ी मुश्किल से उसे ले जा पाई।
यह मामला पांच साल पुराना है। मध्य प्रदेश में इंजीनियरिंग और एमबीबीएस में मुन्ना भाइयों ने परीक्षा दी थी। इसकी जांच सीबीआई कर रही है। कई आरोपियों और गवाहों की संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है।
छात्रों ने सीबीआई को घेरा
इसमें अलीगढ़ के इगलास के परता नगरा का निवासी धर्मेन्द्र सिंह जाट भी आरोपी है। उसका धर्मेन्द्र सर क्लासेज नाम से भगवान टाकीज के पास कोचिंग सेंटर है। वह गणित पढ़ाता है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए ग्वालियर से सीबीआई की टीम पहुंची। उसे जैसे ही पकड़ा गया, कोचिंग सेंटर पर मौजूद छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। सीबीआई अफसर की गाड़ी के सामने छात्र खड़े हो गए।
इस पर थाना न्यू आगरा से पुलिस बुलाई गई। छात्रों को अलग किया गया। तब जाकर धर्मेन्द्र सिंह की गिरफ्तारी हो पाई। उसे ग्वालियर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एक से बढ़कर एक मुन्ना भाई
व्यापमं घोटाले में एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र भी फंसे हैं। इन पर भी दूसरों की जगह परीक्षा देने का आरोप है। सीबीआई से पहले जांच करने वाली एसआईटी ने तीन छात्रों को गिरफ्तार भी किया था। हाल ही में सीबीआई ने एसएन से एमबीबीएस से छात्रों का पिछले दस सत्रों का रिकार्ड मांगा है।
व्यापमं जैसे मामले शहर में भी कई बार सामने आ चुके हैं। यूपी पुलिस की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 50 अभ्यर्थी दूसरे की जगह दौड़ लगाते हुए पकड़े गए थे। इसके बाद दरोगा की परीक्षा में भी मुन्नाभाई पकड़े गए। यह परीक्षा स्थगित कर दी गई। इसी तरह एसएससी की परीक्षा में मुन्ना भाई गिरफ्तार किए गए थे।