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ताजमहल में मैसन मार्क को छोड़कर बदले जा रहे पत्थर, ये है वजह

Mon, 26 Mar 2018 01:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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ताजमहल
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ताजमहल में मुख्य गुंबद के नीचे चमेली फर्श पर चल रहे संरक्षण कार्य में मैसन मार्क वाले पत्थरों को छोड़कर दूसरे पत्थरों को बदलने का काम चल रहा है। 
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मैसन मार्क वाले पत्थर हटाने से कारीगरों की पहचान का अहम चिन्ह समाप्त हो जाने के कारण संरक्षण के दौरान एएसआई ने इन पत्थरों को हटाया नहीं है। केवल वही पत्थर बदले हैं, जो गल चुके हैं। 

ताजमहल में चमेली फर्श पर लाल बलुई पत्थर कई जगह से गल चुका है। इसमें दो से तीन इंच तक के गड्ढे हो चुके थे, जिनमें बारिश के दिनों में पानी भरने के अलावा पर्यटकों के चलने में असुविधा होती थी।
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संसदीय कमेटी की सिफारिश के बाद मरम्मत और संरक्षण का काम यहां तेज किया गया है। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम के मुताबिक मैसन मार्क ताज के कारीगरों का अहम निशान है। इसे हर हाल में सहेजा जाएगा।

ताजमहल की तामीर के वक्त जिन कारीगरों ने काम किया, उन्होंने लाल पत्थरों पर अपने क्षेत्रों और अपने दलों के निशान छोड़ दिए। हजारों की संख्या में यह निशान चमेली फर्श और यमुना किनारे की पिछली दीवार के पत्थरों में हैं। 

एएसआई के पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद और मौजूदा निदेशक डा. डी दयालन ने इन मैसन मार्क की पहचान की और इनका ब्योरा अपनी पुस्तक में दिया है।
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