आगरा की नगर पंचायत खेरागढ़ के पूर्व चेयरमैन अनिल कुमार गर्ग को थाना बसई जगनेर पुलिस ने धोखाधड़ी के मुकदमे में गिरफ्तार कर शुक्रवार की सुबह न्यायालय में पेश किया।
उनकी ओर से जमानत अर्जी दी गई। यह खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उन्हें पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पद से बर्खास्त भी किया गया था।
बसई जगनेर पुलिस ने खेरागढ़ के पूर्व चेयरमैन और शिवा ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक अनिल कुमार गर्ग को फर्जी दस्तावेजों से लोन दिलाने और किसानों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार किया। गर्ग पर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। इसमें कई केस दर्ज हुए। इनमें वह वांछित चल रहे थे।
कोर्ट के आदेश पर हुआ बर्खास्त
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
आरोप है कि उन्होंने फर्जी कागजात पर लोन लिया। इसी मामले में थाना बसई जगनेर में किसानों के साथ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। अनिल कुमार गर्ग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर पंचायत खेरागढ़ में भ्रष्टाचार करने के आरोप में दोषी पाते हुए शासन ने बर्खास्त कर दिया था।
मौजूदा समय में नगर पंचायत के चेयरमैन पद के लिए निर्दलीय रूप से उनकी मां शांति देवी चुनाव मैदान में हैं। अनिल कुमार गर्ग के जेल जाते ही राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं।
इंस्पेक्टर बसई जगनेर विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि धोखाधड़ी के मामलों में अनिल कुमार गर्ग का नाम सामने आया था। फर्जी दस्तावेजों से लोन दिलाने के मामले में अन्य कई लोग भी शामिल हैं।
मुझे फंसाया गया: अनिल गर्ग
अनिल कुमार गर्ग ने जेल जाते समय मीडियाकर्मियों से कहा कि देखो, मेरे कपड़े फटे हुए हैं, पुलिस ने मुझे पीटा है, मेरी मां चुनाव लड़ रही है, इसके चलते मुझे फंसाया गया है। एक उम्मीदवार के इशारे पर यह कार्रवाई की गई है। इस पर इंस्पेक्टर बसई जगनेर थाना का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की गई है। पुलिस पर कोई दबाव नहीं था।