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संक्रमित की मौत के बाद केंद्रीय कारागार में सौ और बंदी क्वारंटीन, विशेष बैरक में रखा

Wed, 13 May 2020 10:15 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

जेल स्टाफ के 16 लोग भी होम क्वारंटीन
बंदी कैसे संक्रमित हुआ, नहीं चला पता 
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केंद्रीय कारागार आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय कारागार में कोरोना संक्रमित बंदी के आसपास रहे 100 और बंदियों को मंगलवार को जेल प्रशासन ने क्वारंटीन कर दिया। 14 बंदियों को पहले ही विशेष बैरक में क्वारंटीन किया जा चुका है।
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झांसी निवासी 60 वर्षीय बंदी को ब्रेन स्ट्रोक होने पर तीन मई को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। छह मई को उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। नौ मई को उसकी मौत हो गई थी।

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जेल प्रशासन ने उसके संपर्क के 14 बंदी और 13 कर्मचारियों के कोरोना टेस्ट कराए। दस कर्मचारियों और दो बंदियों की रिपोर्ट निगेटिव जबकि 12 बंदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। हालांकि उनके दोबारा नमूने लिए गए। अभी रिपोर्ट आनी बाकी है।

मृत बंदी के संपर्क के 14 बंदियों को सात मई को ही विशेष बैरक में क्वारंटीन कर दिया गया था। जेल स्टाफ के 16 लोग भी होम क्वारंटीन किए गए। झांसी का बंदी जिस बैरक में था, उसके सर्किल के सौ बंदियों को मंगलवार को क्वारंटीन किया गया।

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इन सभी को जम्मू-कश्मीर के बंदियों वाली विशेष बैरक में रखा गया है, जबकि यहां निरुद्ध जम्मू-कश्मीर के बंदियों को हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट कर दिया गया है। वरिष्ठ अधीक्षक वीके सिंह ने बताया बंदियों को एहतियातन क्वारंटीन किया गया है। इन पर नजर रखी जा रही है। 

बंदी कैसे संक्रमित हुआ, नहीं चला पता 
झांसी का बंदी कोरोना संक्रमित कैसे हुआ? यह सवाल अब भी बना हुआ है। उसके एसएन में भर्ती होने पर कोरोना पॉजिटिव का पता चला था। इसके बाद 12 बंदी कोरोना संदिग्ध हैं। झांसी का बंदी कैसे संक्रमित हुआ यह अब तक पता नहीं चल सका है। 
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सेंट्रल जेल से होगी पूल टेस्टिंग
केंद्रीय कारागार में कोरोना संक्रमित समेत दो कैदियों की मौत के बाद कोरोना संदिग्ध कैदियों व जेल अधिकारियों की पूल टेस्टिंग होगी। पिछले आठ दिन से आगरा में पूल टेस्टिंग बंद थी। जबकि इसके आदेश मुख्यमंत्री ने दिए थे।

डीएम पीएन सिंह को दोबारा पूल टेस्ट शुरू करने के आदेश दिए। जहां भी समूह में मामले मिलें, वहां पूल समूह चिहिन्त कर पूल टेस्टिंग कराएं। उन्होंने बताया कि सेंट्रल जेल चिह्नित कर पूल सैंपलिंग से जांच होगी। वहां के हालातों पर सेंट्रल जेल अधीक्षक से बात की है। जेल स्टॉफ की पूल टेस्टिंग से जांच होगी।

सजायाफ्ता बंदी की मौत
केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 85 वर्षीय मबरूर हुसैन की मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। उसे फेफड़े से संबंधित बीमारी थी।  मुरादाबाद के थाना नगाशा क्षेत्र के दिया सराय निवासी बंदी मबरूर हुसैनी और उनके बेटे फारुख को हत्या के मामले में वर्ष 2013 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। मई, 2013 में उन्हें केंद्रीय कारागार में शिफ्ट किया गया।

जेल अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि आठ मई को तबीयत खराब होने पर बंदी को जेल अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार सुबह दस बजे हालत ज्यादा खराब होने पर एसएन भेजा गया था। सूचना पर बंदी के परिजन भी पहुंच गए। 
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