अगर पुलिस आपकी रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है, तो आपके पास एक और रास्ता है। आप कोर्ट में गुहार लगा सकते हैं। यह कारगर साबित हो रहा है।
क्रिमिनल प्रोसिजर कोड (सीआरपीसी) की धारा 156 (3) में इसका प्रावधान है कि अगर पुलिस तहरीर मिलने पर केस न लिखे तो कोर्ट उसे आदेश दे सकती है। लगभग रोजाना ही ऐसे आदेश जारी भी किए जा रहे हैं।
जनवरी में ही 30 से अधिक केस कोर्ट के आदेश पर दर्ज किए गए हैं। पूरे साल की बात करें तो 365 से ज्यादा मामले हो जाते हैं। हत्या तक के मामले भी कोर्ट के पास पहुंचे हैं जिनमें एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
कोर्ट ने आदेश दिया तब न केवल केस दर्ज हुआ बल्कि विवेचना भी की गई। जेल में बंद बिल्डर शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ कई मामले ऐसे हैं जिन्हें पुलिस ने दर्ज नहीं किया तो पीड़ित कोर्ट पहुंचे। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस लिखा।