उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश के राजाबोरारी केंद्र में डीईआई के कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के साथ भी बातचीत की और वहां के आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कौशल और आजीविका के लिए मंच प्रदान करने के लिए डीईआई की सराहना की। कार्यक्रम का समापन संस्थान के गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
असीम अरुण ने डीईआई के युवा छात्रों द्वारा दिखाए गए विभिन्न परियोजनाओं और मॉडलों में बहुत रुचि ली और उन्हें अपने भविष्य के प्रयास में और अधिक मेहनत करने और गुणवत्ता संचालित काम करने के लिए प्रेरित किया। प्रदर्शनी में 3-डी प्रिंटिंग, जूते और चमड़े की प्रौद्योगिकी के सामान, रोबोटिक्स, कपड़ा, डेयरी उत्पाद, बांस प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण और इलेक्ट्रिक वाहन से संबंधित परियोजनाएं आकर्षण के विशेष केंद्र थे।