आगरा नगर निगम में ई-निविदा घोटाले की जांच की मांग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की तैयारी करने वाले बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह और वरिष्ठ पार्षद सुहैल कुरैशी को रात से ही घर में नजरबंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री का आगमन निरस्त होने के बाद पुलिस दो घंटे बाद उनके घर से चली गई।
इसके बाद पार्षदों ने कहा कि उनकी आवाज नहीं दबेगी और वे मुख्यमंत्री के दोबारा आने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग करेंगे। कप्तान सिंह और सुहैल कुरैशी की नजरबंदी के बाद अन्य बसपा पार्षद शुक्रवार सुबह नगर निगम में एकत्र हो गए थे। सभी मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी में थे।
पार्षद रेखा भास्कर, सुनील शर्मा और बंटी माहौर ने 15वें वित्त आयोग, नगर निगम निधि और अवस्थापना निधि के ई-निविदा घोटालों की जांच की मांग की। कप्तान सिंह ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री के दोबारा आने पर बसपा पार्षद उनसे फिर मिलेंगे और मांगपत्र देंगे। इस दौरान गंगाराम माहौर, अरविंद मथुरिया, पुष्पा मौर्य, बेबी, ममता कुशवाह, मीना देवी आदि मौजूद रहे।