जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि जिलाधिकारी के पास अभिभावक की ओर से शिकायत की गई थी कि डिपो पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर किताबें बेची जा रही हैं। साथ ही वह एक किताब खरीदना चाह रही हैं जबकि पूरा बुक सेट खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इस आधार पर डीएम के आदेश पर उन्होंने एसीएम और जीआईसी मनखेड़ा के प्रधानाचार्य के साथ जाकर निरीक्षण किया।
जांच के दौरान देखा गया कि किन आधारों पर किताबों के दाम तय किए जा रहे हैं। शासनादेश के अनुसार एकल पुस्तक बिक्री के नियम का पालन क्यों नहीं हो रहा और किन स्कूलों की किताबें सबसे अधिक बेची जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सेंट जॉर्जेज स्कूल की किताबें अधिक मात्रा में बेची जा रही थीं। अभिभावक स्लिप लेकर आ रहे थे और किताब का सेट दिया जा रहा था। उन्होंने बताया कि इस बात की जांच की जाएगी कि किस आधार पर ऐसा हो रहा था।
अब तक 55 को नोटिस
विभाग की ओर से अब तक 55 स्कूलों को नोटिस दिए जा चुके हैं। हालांकि, इन पर कार्रवाई शून्य है। बीते दिनों जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड ने भी निरीक्षण किया था जिसमें तीन स्कूलों के अंदर से ही किताबें बेची जा रहीं थीं। उसमें भी नोटिस दे दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मान्यता रद्द करने की बात कही जा रही है।