ये है भ्रष्टाचार की सड़क, जो छह महीने में ही धंस गई
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आगरा के बालाजीपुरम में विकास के दावों की परतें छह महीने में ही उखड़ गईं। जीएल पब्लिक स्कूल के सामने धंसी सड़क के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के बजाय जिम्मेदार लीपापोती में जुट गए हैं। रविवार को माैके पर नगर निगम और जलकल की टीम पहुंची। जिम्मेदार गड्ढे में मलबा भर रहे थे, लेकिन क्षेत्रीय लोगों के विरोध के बाद टीम बैरिकेडिंग कर लौट गई।
अमर उजाला ने रविवार के अंक में छह माह में धंसी सड़क, उभरे भ्रष्टाचार के गड्ढे शीर्षक से खबर प्रकाशित की। रविवार सुबह करीब 10 बजे नगर निगम टीम लाव-लश्कर के साथ जीएल पब्लिक स्कूल के पास पहुंची। जेसीबी से गड्ढे में मलबा डालकर मामला रफा-दफा करने का प्रयास कर रही थी। सड़क के नीचे से या तो सीवर लाइन या फिर गंगाजल की पाइपलाइन का पानी तेजी से रिस रहा था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निगम के अफसर सिर्फ अपनी गर्दन बचाने के लिए आनन-फानन में काम निपटाना चाहते थे।
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता केके भारद्वाज ने निगम की इस कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने टीम से सख्त लहजे में कहा कि जब तक पानी की लीकेज बंद नहीं होती, तब तक गड्ढा भरना केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी। उनके कड़े रुख को देख निगम की टीम ने काम रोक दिया और बैरिकेडिंग लगा दी। मौके पर मौजूद नगर निगम के जेई हरिओम सिंह ने कहा कि जब तक जलकल विभाग लीकेज दुरुस्त नहीं करता, तब तक सड़क की मरम्मत संभव नहीं है।
वहीं, जलकल के जेई आलम नवाज ने कहा कि बुधवार से मरम्मत का कार्य शुरू होगा। फिलहाल, गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। स्थानीय निवासी अशोक सिंह का कहना है कि जलकल और नगर निगम के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अगर समय रहते गहरी खुदाई कर लीकेज बंद नहीं की गई, तो पूरी सड़क धंस कर बर्बाद हो सकती है।