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आंगनवाड़ी भर्ती: 10 आवेदन आए, सत्यापन के लिए बुलाए सिर्फ दो चहेते; फर्जी प्रमाणपत्र से दे डाली नौकरी

Fri, 06 Nov 2026 09:51 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में आंगनवाड़ी भर्ती के दौरान नियमों को ताक पर रखकर कई आवेदकों के बावजूद सिर्फ दो अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाने का मामला सामने आया है। फर्जी आय प्रमाणपत्र के आधार पर चयन कराने की कोशिश में दो नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं।
 
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आंगनबाड़ी केंद्र (सांकेतिक फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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आगरा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती प्रक्रिया में बड़ा घालमेल उजागर हुआ है। फर्जी आय प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्तियां पाने वाली जिन दो अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया विभाग ने रद की है, उन पर विभागीय कर्मी मेहरबान रहे। जांच में खुलासा हुआ है कि अधिक आवेदन होने के बाद भी केवल दो चहेतों को ही बुलावा भेजा गया।
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दोनों केंद्रों पर करीब 10-10 आवेदन होने के बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ चहेते अभ्यर्थियों को ही सत्यापन के लिए बुलाया गया था, जबकि नियमानुसार वरीयता क्रम में अधिक लोगों को आमंत्रित किया जाना चाहिए था।

जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशन में इस साल जिले में 708 पदों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्तियां कराई जा रही हैं। इनमें से कई ब्लॉकों में नियुक्तियां हो चुकी हैं और कुछ स्थानों पर बीपीएल (बीपीएल) श्रेणी के दस्तावेज की जांच का काम चल रहा है। खंदौली ब्लॉक के उजरई कला और उजरई जाट आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी भर्ती प्रक्रिया होनी थी।
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इन दोनों केंद्रों पर पांच से अधिक आवेदन आए थे। जब शैक्षणिक व अन्य प्रमाणपत्रों के सत्यापन की बारी आई तो विभाग ने नियमों को दरकिनार करते हुए केवल दो अभ्यर्थियों को ही बुलाया। ये वही अभ्यर्थी थीं जिन्होंने फर्जी आय प्रमाणपत्र बनवाकर खुद को बीपीएल श्रेणी में शामिल कराया था। वरीयता सूची में सबसे ऊपर आकर आसानी से नौकरी पाने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया गया।

इसका भंडाफोड़ तब हुआ जब उजरई केंद्रों की एक अन्य आवेदक गौरी ने इसकी शिकायत की। गौरी को सत्यापन के लिए जानबूझकर नहीं बुलाया गया था। उन्होंने मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से की। शिकायत की गहराई से जांच हुई तो फर्जी आय प्रमाणपत्र का यह खेल उजागर हो गया। इससे प्रशासन को दोनों की नियुक्तियां रद करनी पड़ीं। इसके बाद अब पीड़ित आवेदक गौरी को प्रमाणपत्र जांच के लिए बुलाया गया है और वरीयता सूची में सही स्थान पर होने के कारण उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है।
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मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में जांच चल रही है। संबंधित अधिकारी से केवल दो लोगों को ही बुलाने का कारण पूछा जाएगा। 
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