दिवाली की तरह ही होली पर भी आगरा की हवा जहरीली रही। रंग-गुलाल और धूल कणों की संख्या ज्यादा होने से आगरा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल रहा।
होली के दिन प्रदूषण की मात्रा बढ़ने के कारण गाजियाबाद देश में प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर रहा, जबकि आगरा छठवें नंबर पर। वहीं, प्रदेश में आगरा का प्रदूषण के मामले में तीसरा नंबर रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक मार्च को होलिका दहन से लेकर दो मार्च को शाम 4 बजे तक की हवा की गुणवत्ता जांचने के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स जारी किया गया। होली के दिन आगरा का एक्यूआई 290 रहा।
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- फोटो : अमर उजाला
दरआसल, नेशनल हाइवे के सिक्स लेन किए जाने, माल रोड पर 950 से ज्यादा पेड़ काटने और चौड़ीकरण के लिए हो रही खोदाई और निर्माण कार्यों में नियमों का पालन न किए जाने के कारण धूल कणों पीएम-2.5 कणों की मात्रा सर्वाधिक है।
यह मानक से 6 से 8 गुना तक ज्यादा चल रहे हैं। बोर्ड द्वारा जारी इंडेक्स के मुताबिक गाजियाबाद देश में सबसे प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 352 रहा। प्रदेश के तीन शहर गाजियाबाद, वाराणसी, आगरा सर्वाधिक प्रदूषित दस शहरों में शामिल रहे।
नगर निगम कर्मचारियों की होली से पहले चार दिनों तक हड़ताल रही थी, जिसके कारण कूड़ा डलावघरों और डस्टबिन के पास पड़ा रहा। हड़ताल खत्म होते ही होली का त्योहार आ गया।
चार दिन से एकत्र कूड़ा भी जलाया
ऐसे में कूड़ा उठाने की जगह सफाई कर्मचारियों ने ही इसमें आग लगा दी। डस्टबिन और इसके पास पड़े रहने वाले कूड़े को आग लगाकर निपटा दिया गया।
होलिका दहन के साथ ही ज्यादातर जगहों पर कूड़े के ढेर भी जलते सुलगते नजर आए, जिससे रात भर लोगों को सांस लेने में मुश्किलें आईं।
इस पर डालें नजर
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 352
तलचर 337
वाराणसी 324
पटना 314
मुजफ्फरपुर 293
आगरा 290
ठाणे 285
गया 277
फरीदाबाद 275
औरंगाबाद 270