उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने नागरिक उड्डयन विभाग को भेजा टर्मिनल का प्लान
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ताजमहल के मुख्य गुंबद में जिस तरह की संगमरमरी जालियां सैलानियों को लुभाती हैं, ठीक वैसी ही संगमरमरी जालियां प्रस्तावित आगरा एयरपोर्ट को पहचान देगी। धनौली में प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित नए सिविल टर्मिनल का डिजायन तैयार हो चुका है और इसे राजकीय निर्माण निगम ने प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग को भेज भी दिया है। नया टर्मिनल 55 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा और यह 5 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में तैयार किया जाएगा।
एयरफोर्स की सुरक्षा के मद्देनजर धनौली में 55 एकड़ में प्रस्तावित नए सिविल टर्मिनल के लिए प्रदेश सरकार जमीन अब तक नहीं खरीद पाई है, लेकिन इसका डिजाइन बनकर तैयार हो गया है। यह टर्मिनल एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार ही बनवाएगी। ऐसे में इसका ड्राइंग और डिजाइन इसकी नोडल एजेंसी राजकीय निर्माण निगम ने तैयार कराई है। करीब पांच हजार वर्ग मीटर में बनने वाले नए सिविल टर्मिनल की क्षमता पांच हजार यात्रियों की होगी। इसके निर्माण में 55 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
टर्मिनल का फ्रंट एलिवेशन 285 मीटर लंबा और 85 मीटर गहरा होगा। पहले चरण में प्रस्तावित टर्मिनल में सात विमानों के लिए एप्रन बनाया जाएगा। दो मंजिला इमारत में ग्राउंड फ्लोर डोमेस्टिक उड़ान के लिए और फर्स्ट फ्लोर इंटरनेशनल उड़ान के यात्रियों के लिए उपयोग किया जाएगा। पूरी इमारत अत्याधुनिक ढांचे से तैयार होगी। बाहर मुख्य प्रवेश द्वार पर संगमरमरी जालियों का प्रयोग इस टर्मिनल को ताजमहल के साथ जोड़ेगा। सूबे के नागरिक उड्डयन विभाग को टर्मिनल की डीपीआर तैयार कर भेज दी गई है।
मिट्टी के 20 सैंपल की आई रिपोर्ट
धनौली में प्रस्तावित नए सिविल टर्मिनल के निर्माण से पहले राजकीय निर्माण निगम ने 20 स्थानों से मिट्टी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। इन सभी सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही टर्मिनल के निर्माण का डिजाइन तैयार किया गया। सितंबर में तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के अगले दिन ही मिट्टी के सैंपल एकत्रित कराए गए थे।
दूसरे चरण में 30 हजार वर्ग मीटर में निर्माण
प्रदेश सरकार पहले चरण में पांच हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में सिविल टर्मिनल का निर्माण कराएगी, वहीं दूसरे चरण में इसे विस्तार देकर 30 हजार वर्ग मीटर तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण और होना है। निर्माण निगम को दूसरे चरण में विस्तार के लिए 55 हेक्टेयर जमीन और चाहिए, जबकि रनवे के विस्तार का काम यूपीडा करेगा।