दिवाली से पहले घर की सफाई में निकल रहा कचरा जलाने, सीएम ग्रिड की सड़कों से उड़ रही धूल, ट्रैफिक जाम और टूटी सड़कों ने प्रदूषण बढ़ा दिया है। शहर के 39 चौराहों में से 32 में एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब श्रेणी में रहा है। इनमें 13 चौराहों पर बेहद खराब और 19 पर खराब स्थिति रही।
आगरा स्मार्ट सिटी के सेंसरों में अर्जुन नगर तिराहे पर बारहखंभा रेलवे पुल की खोदाई के कारण एक्यूआई 413 दर्ज किया गया, जबकि शहीद नगर में 391 और राजामंडी में 361 दर्ज किया गया। दोनों जगह सीएम ग्रिड के तहत खुदाई चल रही है। जाम, निर्माण कार्य और टूटी सड़कों के कारण हवा में प्रदूषण बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों में फतेहपुर सीकरी और शहर में रोहता की हवा सबसे खराब रही। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। आंख-नाक की एलर्जी और गले में खराश की परेशानी भी बढ़ गई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिले में मौजूद 7 स्टेशनों के अनुसार आगरा का एक्यूआई 149 रहा है। इसमें रोहता में सबसे ज्यादा 187 एक्यूआई पाया गया। इसके बाद संजय प्लेस का नंबर है। यहां 156 एक्यूआई दर्ज किया गया है। शाहजहां गार्डन में एक्यूआई सबसे कम 114 रहा, ये बीते दिनों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। यहां हरियाली अधिक होने के कारण एक्यूआई 100 से कम ही रहता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लैब के अनुसार फतेहपुर सीकरी में एक्यूआई 241 दर्ज किया गया है। 27 अक्तूबर को यहां 224 एक्यूआई था। हवा में धूल-धुआं बढ़ने से अस्थमा और सांस रोगियों की परेशानी भी बढ़ रही है।