वर्ष 1981 में भेजा गया था प्रस्ताव
संघर्ष समिति के महासचिव हेमंत भारद्वाज ने बताया कि केंद्रीय कानून मंत्री ने अपने बयान में कहा कि जस्टिस जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत हुई है। मगर, राज्य सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है, जबकि 14 मार्च 1981 को राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा था। इसे स्वीकार कर केंद्र सरकार ने खंडपीठ स्थापना के लिए स्थान चयन के लिए आयोग का गठन किया था। 1984 में रिपोर्ट मिल गई थी। इसमें खंडपीठ के लिए आगरा को उपयुक्त स्थान माना गया। इससे 1986 में संसद के पटल पर रखा गया।
अधिवक्ता निकालेंगे प्रभात फेरी
मीडिया प्रभारी अनूप शर्मा, अधर शर्मा, सदस्य अविनाश शर्मा और देवेंद्र बाजपेयी ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट में अंकित है कि हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना का अधिकार केंद्र सरकार को है। राज्य सरकार से किसी भी प्रकार की सहमति की आवश्यकता नहीं है। अधिवक्ताओं ने ऐलान किया गया कि बुधवार को अधिवक्ता प्रभात फेरी निकालेंगे। न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध प्रकट करेंगे।