फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा में कोरोना: नए मरीजों की संख्या में फिर उछाल, 24 घंटे में 50 नए संक्रमित मिले, सक्रिय मामले 178

Wed, 23 Feb 2022 03:13 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना का अभी अंत नहीं हुआ है। ऐसे में संक्रमण से बचाव को लेकर पूरी सावधानी बरतें। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में कोरोना संक्रमण का उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को नए मरीजों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। बीते 24 घंटे में 4457 लोगों की जांच में 50 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि मंगलवार को 4,237 लोगों की जांच में सिर्फ चार नए मरीज मिले थे। जिले में अब कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 178 हो गई है।

विज्ञापन


जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक कुल मरीजों का आंकड़ा 36 हजार पार कर गया है। इनमें से 464 मरीज दम तोड़ चुके हैं। 35,417 ठीक हो चुके हैं। मरीजों के ठीक होने की दर 98.21 फीसदी है। हर रोज औसतन चार हजार से ज्यादा सैंपल की जांच हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का अभी अंत नहीं हुआ है। ऐसे में संक्रमण से बचाव को लेकर पूरी सावधानी बरतें। 

संक्रमण घटा, खत्म नहीं हुआ, बरतें सावधानी 

अमर उजाला के ‘सेहत है संग तो जीतेंगे हर जंग’ कार्यक्रम के तहत मंगलवार को हुए वेबिनार में एसएन मेडिकल कॉलेज और एटा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों ने कहा कि संक्रमण घटा है, लेकिन कोरोना वायरस का अंत नहीं हुआ है। ये बहरुपिया है, जेनेटिक बदलाव कर मारक रूप में बार-बार दस्तक दे रहा है। इससे बचने के लिए टीकाकरण और मास्क ही असल में सुरक्षा कवच है। 

विज्ञापन

अंजान दुश्मन से डटकर किया मुकाबला 

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कोरोना जैसे अंजान दुश्मन से डॉक्टरों समेत चिकित्सकीय स्टाफ ने डटकर मुकाबला किया। पहली लहर में सेटअप बनाने में समय जरूर लगा, लेकिन बेहद कम समय में बेहतर व्यवस्थाएं कीं। अभी 250 बेड का कोविड अस्पताल, चार ऑक्सीजन प्लांट, 100 बेड का आईसीयू, वेंटीलेटर, बाइपेप समेत अन्य उपकरणों के पुख्ता इंतजाम हैं।

एटा मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि कोरोना हर लहर में रूप बदलकर आया। पहली लहर में अल्फा, बीटा और दूसरी लहर में डेल्टा और तीसरी में ओमिक्रॉन वैरिएंट रहा। इसका पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में मिला। इसकी संक्रमण की दर डेल्टा से करीब सात गुना अधिक रही। इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न भी कहा गया। इसके नए वैरिएंट बी-टू की आशंका है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें