अंजान दुश्मन से डटकर किया मुकाबला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कोरोना जैसे अंजान दुश्मन से डॉक्टरों समेत चिकित्सकीय स्टाफ ने डटकर मुकाबला किया। पहली लहर में सेटअप बनाने में समय जरूर लगा, लेकिन बेहद कम समय में बेहतर व्यवस्थाएं कीं। अभी 250 बेड का कोविड अस्पताल, चार ऑक्सीजन प्लांट, 100 बेड का आईसीयू, वेंटीलेटर, बाइपेप समेत अन्य उपकरणों के पुख्ता इंतजाम हैं।
एटा मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि कोरोना हर लहर में रूप बदलकर आया। पहली लहर में अल्फा, बीटा और दूसरी लहर में डेल्टा और तीसरी में ओमिक्रॉन वैरिएंट रहा। इसका पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में मिला। इसकी संक्रमण की दर डेल्टा से करीब सात गुना अधिक रही। इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न भी कहा गया। इसके नए वैरिएंट बी-टू की आशंका है।