एसएन मेडिकल कालेज प्रशासन ने मुख्यमंत्री दौरे पर मिली अव्यवस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी से अनुपस्थित न्यूरोसर्जन की सेवा समाप्त कर दी है।
वार्ड ब्वाय को निलंबित कर दिया गया है, वहीं सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्टाफ नर्स, सिस्टर इंचार्ज और एरिया मेट्रन को चेतावनी दी गई है।
पांच मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तूफान में घायलों का हालचाल लेने के लिए एसएन मेडिकल कालेज पहुंचे थे। यहां उनके लिए शू कवर कम पड़ गए थे। एक मरीज की चादर गंदी थी।
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इस पर खून के धब्बे लगे हुए थे। ये देख मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई थी। निरीक्षण के वक्त संबंधित डाक्टर भी ड्यूटी से गायब थे। डीएम ने प्राचार्य से मामले की जांच करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जांच में ड्यूटी पर न होने वाले न्यूरो सर्जन डा. मृदुल शर्मा की सेवा समाप्त कर दी गई है। ये संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं, इनको नोटिस जारी कर दिया गया है।
शू कवर पहनाने का कार्य वार्ड ब्वाय आरिफ खान का था। वह मौके पर नहीं थे, उनको भी निलंबित कर दिया गया है। सीएमएस डा. एसके जैन भी मुख्यमंत्री के निरीक्षण के वक्त नहीं थे, उनको नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
पैर में आई गंभीर चोट
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गंदी चादर न बदलने पर नर्सिंग स्टाफ, सिस्टर इंचार्ज और एरिया मेट्रन को चेतावनी दी गई है। प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के वक्त इलाज बेहतर हाल में था।
शू कवर पहनाने वक्त मौके पर उपस्थित नहीं रहने वाले वार्ड ब्वाय को सस्पेंड कर दिया है। न्यूरोसर्जन डा. मृदुल शर्मा की सेवा समाप्त कर दी गई हैं, एक महीने तक नोटिस पीरियड पर सेवाएं देंगे।
एसआईसी स्तर पर निरीक्षण के दौरान मौके पर नहीं होने पर सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा गया और नर्सिंग स्टाफ को भविष्य में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी है।
निरीक्षण के वक्त न्यूरोसर्जन डा. मृदुल शर्मा का कॉल डे था, वह नहीं आए। जबकि यहां 11 से अधिक मरीजों को हेड इंजरी थी। इनके न आने पर अन्य न्यूरोसर्जन डा. आलोक गुप्ता को बुलाया गया था। सीएमएस डा. एसके जैन भी नहीं थे।