ताजनगरी में लापरवाही और अनदेखी से कई बार आग भड़क चुकी है। जनवरी से अब तक अग्निकांड की 800 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसमें करोड़ों के माल का नुकसान तो हुआ, साथ ही पांच लोगों की जान भी जा चुकी है। खराब और क्षतिग्रस्त वायरिंग में शॉर्ट सर्किट, कबाड़ सामान, जूता बनाने का सामान और ज्वलनशील केमिकल आग लगने की वजह बन चुके हैं। लोग सावधानी बरतें तो आग से बचाव संभव है।
- घर में एक सॉकेट में ज्यादा प्लग नहीं होने चाहिए। लोड के हिसाब से वायरिंग भी बदलवा लें।
- रसोई में काम खत्म होने पर रात में गैस सिलिंडर को रेग्युलेटर से बंद कर दें। गैस पाइप पुराना होने पर बदलवा दें।
- कारखाने में कबाड़ सामान, केमिकल, माल रखने की अलग-अलग व्यवस्था होनी चाहिए।
- कारखानों और अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा होना चाहिए। यह कार्यशील हो। कबाड़ सामान प्रवेश द्वार पर नहीं होना चाहिए। आपातकालीन रास्ता होना चाहिए।
- दिवाली पर घरों में दीपक और मोमबत्तिया जलाई जाती हैं। इन्हें ऐसे स्थान पर न लगाएं, जहां पर पर्दा लगा हो। कोई कबाड़ सामान रखा हो।
- दिवाली पर लोग आतिशबाजी करते हैं। जलता हुआ पताका गिरने से बाहर रखे वाहन और सामान में आग लग सकती है। इसलिए सामान और वाहन को उचित स्थान पर रखें।