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आगरा कैसे बनेगी 'सेफ सिटी': महिलाओं और बच्चों पर अपराध में देश में 26वां स्थान, डराते हैं ये आंकड़े

Wed, 17 Mar 2021 12:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • सालभर में 2318 महिला और बाल अपराध दर्ज हुए
  • देश के 100 शहरों की सूची में आगरा 26वें स्थान पर, प्रदेश में तीसरा 
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अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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महिलाओं और बच्चों के साथ जघन्य अपराधों के मामले में देश के 100 शहरों की सूची में आगरा 26वें स्थान पर है। प्रदेश में लखनऊ, प्रयागराज के बाद सबसे ज्यादा महिला एवं बाल अपराध वाला आगरा तीसरा शहर है। 2019 में यहां दहेज हत्याएं, बलात्कार, अपहरण जैसे 1542 मामले दर्ज हुए हैं। 

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बच्चों के साथ यौन शोषण, बाल विवाह, भ्रूण हत्या व बाल श्रम जैसे अपराध में 776 एफआईआर हैं। आगरा में महिला एवं बाल अपराध के 2318 मामलों पर सोमवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वर्चुअल सेमिनार में संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी से रोकथाम की कार्य योजना पूछी।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निदेशक नवेन्द्र सिंह ने सोमवार सुबह 10.30 बजे से सेमिनार आरंभ की। आगरा के कलक्ट्रेट परिसर स्थित एनआईसी सभागार में शाम 3 बजे तक महिला एवं बाल अपराध नियंत्रण के लिए विभिन्न सत्रों में 100 शहरों से शामिल लोगों ने वर्चुअल संवाद किया। 

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आगरा में अपराध के आंकड़े 
- 1542 महिलाओं के साथ 2019 में हुए जघन्य अपराध
- 87 मुकदमे बलात्कार की धाराओं में दर्ज हुए 
- 439 मामले महिलाओं के अपहरण के दर्ज हुए
- 84 महिलाओं की दहेज के लिए हत्या का आरोप
- 305 महिलाओं का विवाह के लिए अपहरण किया
 
शहर प्रदेश में स्थान  देश में स्थान महिला एवं बाल अपराध की संख्या
लखनऊ 1 3390 
प्रयागराज 2 18 2544 
आगरा 3 26 2318 
कानपुर नगर 4 27 2311
अलीगढ़ 5 30 2251 
गाजियाबाद 6 31 2227
बरेली 7 32  2220 
हरदोई 8 50 1855 
मेरठ 9 52 1827 
वाराणसी 10 61 1721 
(अपराध के आंकड़े: एनसीआरबी 2019 रिकॉर्ड के अनुसार)
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रोकथाम के लिए होंगे ये उपाय
- मिशन शक्ति हेल्प डेस्क की नियमित निगरानी।
- 100% मामलों में पुलिस की रिपोर्टिंग।
- दहेज हत्या व पॉक्सो मामलों की अलग जांच सेल।
- सजा दिलाने को नियमित अभियोजन की समीक्षा।
- सेफ सिटी योजना के तहत सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
- पिंक बूथ, पिंक टॉयलेट, पिंक बसें संचालित हैं।
- महिलाओं का आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित करना।

सेफ सिटी स्कीम से बदलेगी तस्वीर ?
आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि सेफ सिटी स्कीम से आगरा की तस्वीर बदलेगी। अपराधी को हर हाल में कठोर सजा दिलाने के लिए अभियोजन की समीक्षा, जिला निगरानी कमेटी की नियमित बैठक, न्यायाधीश व पुलिस से समन्वय और हॉस्टाइल गवाहों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराएंगे। सेमिनार में एसएसपी बबलू कुमार ने भी महिला मामलों में पुलिस को अधिक तत्पर बनाने की बात कही।
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