फिरोजाबाद जिले में दिव्यांग कोटे से लगे शिक्षकों की जांच शासन स्तर पर फिर से शुरू होगी। शासन ने जिले से ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी है। विभाग ने सूची बनाकर शासन को सौंप दी है। इस जांच से शिक्षकों में खलबली मची है।
अभी 2007-08 बीटीसी प्रशिक्षण के अभ्यर्थियों पर शिकंजा कसा गया है। मैरिट में पीछे रहे तो कई शिक्षकों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल कर ली थी। सत्यापन भी लेनदेन करके करा लिया गया था।
जांच कराने के लिए बोर्ड शासन स्तर पर गठित हुआ। इसमें दिव्यांग कोटे से लगे शिक्षकों को जांच के लिए कई बार बुलाया गया था। मगर फर्जीवाड़े की पोल न खुल जाए, ऐेसे में शिक्षक जांच के समय स्कूल आना ही बंद कर देते हैं। लेनदेन करके दोबारा व्यवस्था कर लेते हैं।