मैनपुरी। गांव कल्होर निवासी युवती को नौकरी देने के लिए फीस लेकर तीन माह की ट्रेनिंग दी। इसके बाद नौकरी के बजाय झाडू पोछा आदि कराया गया। मांसाहार बनाने का भी दबाव बनाया गया। पीड़िता ने बृहस्पवितार को कोतवाली में तहरीर दी।
घिरोर क्षेत्र निवासी अंजली कुमारी ने बताया कि एक संस्था ने उस से 460 रुपये जमा कराए। कहा कि 15 से 90 दिन की ट्रेनिंग के बाद 510 रुपये वापस कर दिए जाएंगे। उसने 90 दिन की ट्रेनिंग पूरी कर ली। उसे जो ट्रेनिंग दी गई, उसके आधार पर उसे काम नहीं दिया गया। बल्कि संस्था के लोग उस से घरेलू काम कराने लगे। उसे रात को ऑफिस में रोकते और झाडू़ पोंछा कराते। खाना बनवाना और कपडे़ धुलवाने का काम भी कराया। ट्रेनिंग के दौरान उसका करीब 25 हजार रुपये खर्च हो गया जो कि मां ने कर्ज लेकर दिया। अब संस्था के लोग बोलते हैं कि मीट बनाओ। मना करने पर कहते हैं कि नौकरी छोड़ दो। परेशान पीड़िता ने बृहस्पतिवार को कोतवाली में तहरीर दी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और रुपये वापस दिलाए जाने की मांग की है।