ग्वालियर रोड स्थित गांव बरपुरा में पांच दिन से लापता जूता कारीगर का शव रविवार सुबह नाले में मिला। कारीगर के घरवालों ने गांव के ही दो लोगों पर अपहरण का शक जताया था। इसको लेकर सुबह पंचायत भी हुई थी। शक के दायरे में आए दोनों युवक भी मौजूद थे। पंचायत खत्म होने के कुछ देर बाद ही नाले में जूता कारीगर की लाश मिल गई। घरवाले हत्या करके शव नाले में फेंके जाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि छानबीन की जा रही है।
दौलत राम (50) 25 फरवरी को गांव के लाखन सिंह की बेटी की शादी में गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटे। घरवालों ने तलाश किया। बाद में गुमशुदगी की तहरीर दी। भाई भगवान सिंह ने बताया कि दौलतराम को गांव के दो जूता कारीगरों के साथ जाते देखा गया था। रविवार सुबह गांव में पंचायत की गई। कारखाने के कारीगर भी बुलाए गए। परिवारीजनों ने नामजद मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। इसके बाद कई घरों की तलाशी ली। सुबह 10 बजे पंचायत खत्म हो गई। एक घंटे बाद ही नाले में पानी में शव उतराता मिला। मृतक की जीभ बाहर निकली थी। कपड़े फटे थे। लाश दो दिन पुरानी लग रही थी। मृतक के घरवालों ने हत्या करके शव को फेंकने का आरोप लगाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, जूता कारीगर की मौत का डूबने से होना बताया गया है। परिवारीजनों ने थाना सदर में दो लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। इंस्पेक्टर सदर का कहना है कि जांच की जा रही है।
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फैक्ट्री के खिलाफ खड़ा हुआ था दौलत
परिवारीजनों के मुताबिक, दौलत राम 10 साल पहले हरीपर्वत क्षेत्र स्थित एक जूता फैक्ट्री में काम करता था। प्रबंधन ने उसे नौकरी से निकाल दिया। वह इस फैसले के खिलाफ खड़ा हो गया। आठ साल पहले लेबर कोर्ट में वाद दायर किया। तब से मामला कोर्ट में चल रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में फैसला होना था। इससे पहले ही उसकी मौत हो गई।