आगरा के एसपी ट्रैफिक पद से हटाकर सीबीसीआईडी लखनऊ भेजी गई पीपीएस अधिकारी सुनीता सिंह इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती थी। वह गोरखपुर की रहने वाली हैं। गोरखपुर मठ के कुछ लोग भी उनके साथ थे।
पुलिस सूत्र बता रहे हैं कि इस्तीफा देने के बाद वह सीधे लखनऊ गई थी। हालांकि वह इस प्रकरण पर बात करने के लिए तैयार नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि वह आगरा के पुलिस अफसरों की शिकायत करना चाहती थीं लेकिन उनकी सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई। पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि वह इस्तीफा केवल अफसरों पर दबाव बनाने के लिए देना चाहती थीं। इसकी वजह यह थी कि अफसरों का सख्त रवैया उन्हें आहत कर रहा था।
अफसरों की सख्ती कई मामलों में नजर आई थी। एक तो सात दिन पहले वह रात में हाईवे की चेकिंग पर नहीं निकली थीं। दूसरा, इनररिंग रोड पर बैरियर लगाने के लिए उनसे कहा गया था, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने बैरियर नहीं लगाए। तीसरा, एत्मादपुर में थाना पुलिस ने डग्गामार वाहन बंद कर दिए थे। इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस को नहीं दी गई। उन्होंने इस्तीफा भी संक्षेप में ही लिखा था। यह इस तरह था, मैं स्वेच्छा से त्याग पत्र दे रही हूं, क्योंकि दबाव में है, इसके लिए किसी को दोषी नहीं ठहरा रही हूं, क्योंकि मैं आईपीएस अधिकारी नहीं हूं। उन्होंने बुधवार को इस्तीफा दिया था। गुरुवार को यह कहकर वापस ले लिया था कि भावावेश में यह कदम उठाया। इसके बाद उनका और आईजी रेंज राजा श्रीवास्तव का तबादला कर दिया गया।