बारिश के कारण प्याज के भाव जिस तेजी से बढ़े, ठीक वही तेजी अब टमाटर ने पकड़ ली है। प्याज का तो निर्यात रोककर दाम नीचे लाने की कवायद सरकारी स्तर पर हुई है, लेकिन टमाटर का भाव महज तीन दिन में ही 50 फीसदी तक बढ़ गया। प्याज और टमाटर की तरह हरी सब्जियों के भाव इस सप्ताह ऊंचे बने हुए हैं। दशहरा के बाद टमाटर की कीमतों में कमी आने की उम्मीद सब्जी विक्रेताओं को है।
मानसून में हरी सब्जियों के भाव आसमान पर होते हैं, लेकिन जो तेजी इस बार हरी सब्जियों में आई है, वह उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। प्याज के बाद टमाटर के भाव में 50 फीसदी का उछाल आया है। प्याज के भाव तो 80 रुपये तक पहुंचने के बाद इस सप्ताह 50-60 रुपये किलो पर आ गए हैं, लेकिन टमाटर के दाम मंगलवार को जहां 30-40 रुपये किलो पर थे, वह शनिवार को 50-60 रुपये पर हो गए।
सिकंदरा सब्जी मंडी के थोक विक्रेता नीरज सिंह के मुताबिक कर्नाटक और महाराष्ट्र में बारिश के कारण टमाटर और प्याज की फसल खराब र्हुई है। वहां की मंडियों में जब माल कम आता है तो दाम बढ़ जाते हैं। हिमाचल प्रदेश से कुछ आपूर्ति है, लेकिन वह नाकाफी है। बीते चार दिनों से टमाटर के ट्रकों की संख्या आधी रह गई है, इसीलिए भाव बढ़ गए हैं। दशहरा के बाद टमाटर की आपूर्ति बढ़ सकती है। तब दाम कम आ पाएंगे।
सीजन की स्थानीय सब्जी भी महंगी
जो सब्जियां बाहर से आगरा आ रही हैं, उनके भाव में इजाफा है, लेकिन जो सब्जियां आसपास के कस्बों, गांवों से आ रही हैं, उनके भाव भी आसमान पर हैं। गोभी से खेत भरे पड़े हैं, लेकिन मंडी में भाव 50-60 रुपये पर है। यही हाल मूली, बैंगन और भिंडी का भी है। सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक ज्यादा बारिश से यहां भी फसल प्रभावित हुई है।
सब्जी खुदरा भाव
आलू - 20 रुपये
प्याज - 50-60
टमाटर - 50-60
गोभी - 50-60
बैगन - 40
भिंडी - 40
कद्दू - 30
अरबी - 40
मूली - 40-50
गाजर - 50
करेला - 60
शिमला मिर्च - 80
अदरक - 100
हरा धनिया - 200
नीबू - 100
(भाव आगरा की बोदला मंडी के हैं)