सोरोंजी। मार्गशीर्ष अमृत कुंभ के अवसर पर मंगलवार को क्षेत्राधीश भगवान वराह का दरबार भव्य रंग-बिरंगे सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। भगवान वराह का पंचाभिषेक कर नूतन पोशाक व अलंकार पहनाए गए। इस दौरान काफी संख्या में उमड़े श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शनों के लिए लालायित दिखे। उनकी अद्भुत व अलौकिक छवि के दर्शन हुए तो उनके मुख से जयकारे फूट पड़े और पूरा मंदिर परिसर इनसे गुंजायमान हो उठा।इससे पहले सेवायत नरेश त्रिगुणायत ने वैदिक मंत्र उच्चारित करते हुए भगवान का अभिषेक कर मेवा मिष्ठान का भव्य छप्पन भोग लगाया। भगवान वराह के दिव्य दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान का दिव्य छवि देखकर भक्त उनकी जय-जयकार करने लगे। भगवान वराह के जयकारों से वातावरण धर्ममय हो गया। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग स्थित बालाजी दरबार, रघुनाथ जी, सिद्धहनुमान, सिद्ध विनायक, द्वारिकाधीश, मानस मंदिर, सोमेश्वर, भागीरथी गुफा, बाछरू देव, सिग्नल वाले बाबा , योगेश्वर, पांच महाशक्ति, 84 घंटे वाली माता मंदिर, भूतेश्वर आदि मंदिरों में भी दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंची। हर तरफ श्रद्धालु भगवान वराह की महिमा का गुणगान कर रहे थे।