शहर की फजा में जहर घोलने की साजिश रची जा रही है। चर्च के बाद मंदिर पर हमला यही बताता है। सैय्यद पाडा़ स्थित मंदिर में तोड़फोड़ के बाद लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि पुलिस ने सुबूत जुटाए बगैर ही खंडित की गई मूर्ति को हटा दिया। ईंट को भी ले गए। मंदिर में तोड़फोड़ की घटना के बाद क्षेत्र में तनाव के हालात हैं। इस कारण पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मंदिर में बुधवार को फूल बंगला सजाया जाना था। इससे पहले ही यह घटना हो गई।
जागेश्वर नाथ महादेव मंदिर खटीक समाज के लोगों ने बनवाया था। इनके तकरीबन 60-65 घर हैं। सैकड़ों कोली परिवारभी यहां हैं। आसपास के कई मोहल्लों से लोग मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आते हैं। मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया कि 18 साल पहले भी प्रतिमा खंडित कर मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। हमलावर आज तक पकड़े नहीं जा सके। पार्वती माता की मूर्ति खंडित होने की जानकारी पर काफी संख्या में महिलाएं एकजुट हो गईं। पुलिस के प्रतिमा उठाकर ले जाने पर आक्रोश भड़क गया। इस पर महिला पुलिस को भी बुला लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही महिलाओं ने पुलिस का रास्ता रोक लिया। अपसरों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत कराया। महिलाओं का कहना था कि पुलिस ने बिना सुबूत जुटाए ही मूर्ति हटा दी। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भी नहीं बुलाए गए। लोगोें का कहना है कि हमला करने के बाद युवक पास की बस्ती में ही भागे थे।
बुजुर्गों ने किया पंचायत का ऐलान
मंदिर पर दूसरी बार हमले की घटना से बुजुर्गों में खासा आक्रोश है। उनका कहना कि मंदिर को निशाना बनाना सोची समझी साजिश है। मंदिर की सुरक्षा को लेकर क्षेत्र में मंगलवार को पंचायत की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
गूंजे जय श्री राम के नारे
मंदिर पर हमले की जानकारी पर कुछ ही देर मेें आसपास के लोग पहुंच गए। नारेबाजी शुरू हो गई। जय श्री राम के नारे लगाना शुरू कर दिया। इससे तनाव फैलने लगा। पुलिस ने किसी तरह से मामला शांत किया।
जमीन पर कब्जे की कोशिश
लोगों ने बताया कि क्षेत्र में एक और मंदिर की जमीन पर बनी है। पिछले दिनों असामाजिक तत्वों ने जमीन पर बनी दीवार को तोड़ दिया था। इस पर कब्जा करना चाहते थे। पुलिस से शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
पुलिस मुकदमे दर्ज करती है, नहीं पकड़े जाते आरोपी
आगरा। शहर में मंदिरों को लगातार निशाना बनाया जाता रहा है। असामाजिक तत्व कई बार ऐसी ही हरकत कर चुके हैं। मगर, अभी तक एक भी मामले में पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है।
- बोदला में कुछ माह पूर्व महादेव मंदिर में प्रतिमा खडित कर दी गई थी। पुलिस ने नई प्रतिमाएं स्थापित कराकर मामला शांत करा दिया था। पुलिस ने कुछ लोग हिरासत में लिए गए, मगर हमलावर नहीं पकड़े जा सके।
- पांच अप्रैल 2014 को एत्माद्दौला के सीता नगर स्थित महादेव मंदिर में सिरफिरे ने मूर्तियां खंडित कर दीं थी। पुलिस ने खंडित मूर्तियां यमुना में विसर्जित करा दीं।
- मार्च 2013 मेें थाना एत्माद्दौला के नुनिहाई स्थित दुर्गा नगर में शिव रात्रि से पहले दो मंदिरों में शिव परिवार की प्रतिमाएं सिरफिरे ने खंडित कर दी थी।
- आवास विकास कालोनी के सेक्टर आठ में भी प्रतिमाएं खंडित की जा चुकी हैं।