होली पर 122 साल बाद चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर विशेष सावधानी बरती जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण के बाद बुधवार को रंगों का पर्व मनाना अधिक शुभ रहेगा।
होली पर 122 साल बाद चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। मंगलवार दोपहर 3.20 से शाम 6.47 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि सोमवार शाम 6:22 से रात 8:53 बजे तक प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त रहेगा।
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होलिका दहन, होली पूजन भद्रा और सूतक काल के समय में नहीं होता है, क्योंकि महिलाएं बच्चों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि के लिए होली का पूजन करती हैं। सोमवार को पूर्णिमा प्रदोष काल को स्पर्श कर रही है। इसलिए भद्रा मुख को त्याग कर होलिका दहन शुभ रहेगा।
उन्होंने बताया कि होलिका दहन के अगले दिन मंगलवार को लाल चांद का दिखना आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से एक बड़ी घटना है। बुधवार को रंगों का त्योहार मनाया जाना शुभ रहेगा। उन्होंने बताया कि बुधवार का स्वामी बुध है, जो बुद्धि, वाणी और हास्य-विनोद का कारक है। ग्रहण के भारीपन के बाद होली लोगों के तनाव को दूर करेगी और रिश्तों में मिठास घोलेगी।