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अमर उजाला: IPCS लिविंग हिस्ट्री की पहली कड़ी में हामिद करजई भारत-अफगान के रिश्ते पर खुलकर बोले

Sun, 22 Apr 2018 07:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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हामिद करजई
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अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने 'अमर उजाला' और गैर सरकारी संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड कॉन्फिल्कट स्ट्डीज (आईपीसीएस) की संयुक्त विचार श्रृंखला 'लिविंग हिस्ट्री' की पहली कड़ी को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और अफगानिस्तान के रिश्तों पर अपने विचार रखे। 

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होटल आईटीसी मुगल के दीवान-ए-खास में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान की दोस्ती न सिर्फ गहरी है, बल्कि बहुत पुरानी भी है। करजई ने कहा- “जिस वक्त मैं पहली बार साल 1976 में भारत आया था, मैने उस वक्त काबुल के मुकाबले कहीं ज्यादा दिल्ली को रुढ़िवादी पाया था।” इस दौरान उन्होंने शिमला में बिताए अपने छात्र जीवन से लेकर अफगानिस्तान में सोवियत के खिलाफ आवाज़, तालिबान शासन के खिलाफ उनका मुखर होना और बतौर दस साल अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अनुभवों को साझा किया।

इस दौरान यहां करीब 150 मेहमान मौजूद थे। करजई ने दोनों देशों के रिश्तों के महत्व और दक्षिण एशिया में शांति स्थापना में दोनों की भूमिका पर विचार रखें। उन्होंने वहां मौजूद लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उऩके देश में भी यहां की ही तरह अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, दिलीप कुमार और राजकपूर मशहूर हैं। जब उनसे पूछा गया कि आपका पसंदीदा गाना कौन सा है तो इस उन्होंने कहा कि जब मैं राजनीति में नहीं था तो 'बाबू जी धीरे चलना' मेरा पसंदीदा गाना था, लेकिन अब मैं राजनीति में हूं तो क्या कहूं। 

यहां उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने से वैश्विक स्तर पर भारत के कई पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर हुए हैं। उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा, 'हम पाकिस्तान से भी बेहतर रिश्ते चाहते हैं और इस पर उनके साथ हमारी बातचीत जारी है। उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में उनके साथ हमारे रिश्ते बेहतर होंगे।'

बता दें कि करजई तीन दिन की निजी यात्रा पर आज ताज नगरी आगरा में हैं। सुबह सबसे पहले करजई ने अपने साथ आए पूर्व राजनयिकों के साथ ताजमहल का दीदार किया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक उन्होंने आगरा स्थित लाल किला का भ्रमण किया। 

करजई इससे पहले रविवार को अपने साथ आए पूर्व राजनयिकों के साथ ताजमहल का दीदार करने के लिए पहुंचे। उन्होंने ताजमहल में फोटोग्राफी भी की साथ ही गाइड के जरिए ताजमहल की जानकारी ली। उन्होंने विजिटिंग बुक में ताजमहल की खूबसूरती के बारे में अपनी राय भी लिखी। 

ताजमहल का मुकम्मल दीदार करने के बाद करजई आगरा फोर्ट गए। करीब एक घंटे से अधिक समय तक उन्होंने लाल किला का भ्रमण किया। इसके बाद वह होटल के लिए रवाना हो गए। 

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शिमला में पढ़ चुके हैं हामिद करजई

हामिद करजई - फोटो : अमर उजाला
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई को दक्षिण एशिया की राजनीति में कद्दावर राजनेता माना जाता है। तालिबान के कब्जे से अफगानिस्तान की मुक्ति के बाद पहले राष्ट्रपति के तौर पर करजई 12 सालों तक पद पर रहे। पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने भारत-अफगान रिश्तों और दक्षिण एशिया में शक्ति के हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर अपनी सक्रियता बनाए रखी। उन्हें भारत का दोस्त माना जाता है। उनकी शिक्षा शिमला में ही हुई है। 
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