आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन न करने वाले संबद्ध महाविद्यालयों पर सख्त रुख अपनाया है। कार्यपरिषद ने इसे शासन एवं विश्वविद्यालय के निर्देशों की अवहेलना माना है।
हालांकि छात्रहित में यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे महाविद्यालयों को संबंधित विषय या पाठ्यक्रम में अस्थायी अग्रेतर संबद्धता पर तभी विचार होगा, जब वे प्रति विषय या पाठ्यक्रम 29,500 रुपये संबद्धता शुल्क एवं 25,000 रुपये अर्थदंड सहित कुल 54,500 रुपये जमा करेंगे।
कुलसचिव अजय मिश्रा के मुताबिक, नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, नए विषय एवं पाठ्यक्रम शुरू करने और जिन महाविद्यालयों की संबद्धता सत्र 2026-27 में समाप्त हो रही थी, उन्हें शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य था। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने थे।
इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से समय-समय पर पत्र जारी कर सभी संबद्ध महाविद्यालयों को निर्धारित समय सीमा में आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे। ऑनलाइन पोर्टल 6 नवंबर, 2025 से 17 अप्रैल, 2026 तक सक्रिय रहा, इसके बावजूद कई महाविद्यालयों ने आगे की संबद्धता के लिए आवेदन नहीं किया।