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कमलनेर जांच करने पहुंची एनसीबी

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27एमएनपी-41-किशनी थाने में अफीम के पौधों की जांच करती नारकोटिक्स विभाग की टीम - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी/किशनी। गांव कमलनेर में अफीम की खेती के मामले में पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी व फसल को जब्त कर लिया गया। बृहस्पतिवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ (एनसीबी) की टीम जांच करने के लिए कमलनेर पहुंची। एसपी ने प्रेसवार्ता कर घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी।
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थाना किशनी क्षेत्र के गांव कमलनेर में अफीम की खेती की सूचना मिलने के बाद बुधवार शाम प्रभारी निरीक्षक ओमहरि वाजपेई, स्वाट टीम प्रभारी जोगेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ छापा मारकर पूर्व प्रधान सुरेंद्र जाटव को गिरफ्तार कर लिया था। अफीम के करीब 815 पौधे बरामद हुए थे। इनकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। बृहस्पतिवार को एसपी अजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता कर बताया कि पूर्व प्रधान ने एक बाबा का नाम बताया है। कहा है कि उसे बाबा ने उक्त पौधों को वहां लगाकर गया था। उसकी भी तलाश की जा रही है, लेकिन आरोपी की बात पर यकीन नहीं कर सकते।
बिना मर्जी के खेत में अफीम की खेती संभव नहीं है। गिरफ्तार आरोपी को जेल भेजा गया है। बताया कि बृहस्पतिवार एनसीबी की टीम भी जांच करने के लिए आई थी। नारकोटिक एक्ट के तहत आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। एनसीबी से अफीम की खेती के संबंध में जानकारी हासिल की गई है।
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एनसीबी ने की अफीम की पुष्टि
किशनी। गांव कमलनेर में जांच करने पर पहुंची एनसीबी की टीम ने अफीम होने पुष्टि की है। बृहस्पतिवार की सुबह लखनऊ से नारकोटिक्स विभाग की टीम थाने पहुंची।
लखनऊ यूनिट के निरीक्षक अरविंद ओझा व जांचकर्ता इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने पकड़े गए पोस्ता के पौधों की जांच की। उन्होंने पौधों में अफीम के होने की पुष्टि की। बताया कि अफीम के पौधे का तना से लेकर फूल तक सभी नशीला होता है। फूल से निकलने वाले दूध जैसे द्रव्य को असली अफीम माना जाता है। सबसे ज्यादा नशा उसी में होता है। मादक द्रव्य बाजार में अफीम को काफी ऊंचे रेट पर बेचा जाता है। एक बार इसकी लत लगने के बाद छोड़ना मुश्किल हो जाता है। आजकल युवा पीढ़ी इस नशे की चपेट में आ रही है।
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