आगरा के थाना न्यू आगरा के महिला से दुष्कर्म के मामले में आरोपी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा को कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। जिला जज विवेक संगल ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अधिवक्ता का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया। इस पर पुलिस ने उनको जेल भेज दिया। इससे पहले कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ता मौजूद रहे। हंगामे की स्थिति को संभालने के लिए पुलिस भी तैनात रही।
ये है मामला
सिकंदरा क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बलवा, मारपीट, अमानत में खयानत, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और दुष्कर्म के आरोप में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा के खिलाफ थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता तीन फरवरी को पुलिस आयुक्त से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता को गिरफ्तार कर लिया था। चार फरवरी को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने चार दिन की सशर्त अंतरिम जमानत दी थी।
जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त
बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन 10:30 अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में समर्पण किया। इसके बाद सुबह 11 बजे जिला जज विवेक संगल की कोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई शुरू हुई। दोनों ओर से अधिवक्ताओं की बहस के बाद जिला जज ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता को जेल भेज दिया।